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भोपाल में नर्सिंग छात्र बिल्डिंग पर चढ़े: रिजल्ट और परीक्षा को लेकर हैं नाराज; स्वस्थ मंत्री का मांगा इस्तीफा

भोपाल। नर्सिंग छात्रों के संगठन एनएसओ (NSO) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल, भोपाल के सामने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।

बुधवार को आंदोलन के दौरान स्थिति उस समय चर्चा में आ गई, जब तीन छात्र पास की एक खाली बिल्डिंग पर चढ़ गए और रिजल्ट जारी करने की मांग करने लगे।

पुलिस ने समझा कर छात्रों को नीचे उतारा
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों से बातचीत की। समझने के बाद तीनों छात्र कुछ देर में सुरक्षित नीचे उतर आए। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र मौजूद रहे। छात्र नेता रवि परमार ने बताया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने पर बैठे हुए हैं।

रिजल्ट और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर नाराजगी
छात्र संगठन का कहना है कि GNM और बीएससी नर्सिंग के लंबित रिजल्ट जल्द जारी किए जाएं और आगामी परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित किया जाए। उनका कहना है कि परिणामों में देरी से हजारों छात्रों का साल खराब हो रहा है।

स्कॉलरशिप और यूनिवर्सिटी संबद्धता भी प्रमुख मुद्दे
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने SC, ST और OBC वर्ग के नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को स्कॉलरशिप देने की मांग उठाई है। इसके साथ ही EWS वर्ग के सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए भी छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की मांग की गई है।

संगठन ने नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से हटाकर दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी, जबलपुर से जोड़ने की मांग को भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया है।

नर्सिंग शिक्षा में सुधार की मांग
छात्रों ने नर्सिंग शिक्षा में भ्रष्टाचार खत्म करने और फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे भविष्य में अनियमितताओं और विवादों पर रोक लग सकेगी।

संगठन ने इस्तीफे की मांग भी उठाई
एनएसओ द्वारा लगाए गए पोस्टरों में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी दर्ज की गई है। हालांकि प्रदर्शन का मुख्य फोकस रिजल्ट, परीक्षाएं और स्कॉलरशिप से जुड़ी मांगों पर बना हुआ है।

आंदोलन में भूख हड़ताल को भी जोड़ा गया
संगठन ने आंदोलन को भूख हड़ताल से जोड़ने की घोषणा भी की है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि रिजल्ट और परीक्षा प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी का सीधा असर छात्रों के करियर और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है।

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