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भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन : बोट क्लब में नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप शुरू; 100 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल

भोपाल। राजधानी के बोट क्लब में मंगलवार को राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप के तीसरे संस्करण की शुरुआत हुई। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। 11 से 16 अगस्त तक होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के 100 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेलिंग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रदर्शन के आधार पर बनेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाएगी। यह रैंकिंग आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए महत्वपूर्ण होगी। देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ी भोपाल की बड़ी झील में अपने प्रदर्शन का दम दिखा रहे हैं।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें अब सिर्फ पर्यटन का केंद्र नहीं हैं, बल्कि यहां देश के भविष्य के चैंपियन तैयार हो रहे हैं। वाटर स्पोर्ट्स के लिए भोपाल की झीलों में बेहतर संभावनाएं हैं और सरकार खिलाड़ियों को सुविधाएं देने पर काम कर रही है।

मप्र के खिलाड़ियों ने जीते 97 पदक
मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश के वाटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीते हैं। वर्ष 2025 में हुई राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। प्रदेश ने प्रतियोगिता में कुल 16 पदक जीते थे, जिनमें 8 स्वर्ण पदक शामिल थे।

हर विधानसभा क्षेत्र में खेल परिसर बनाने की योजना
सरकार प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही हर जिले में फीडर सेंटर तैयार किए जाएंगे, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

भोपाल में करीब 1000 करोड़ रुपए की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल परिसर भी तैयार किया जा रहा है। नवंबर में इसी परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा।

16 अगस्त को होगा समापन
राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 16 अगस्त को होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान करेंगे।

मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलों में अब सिर्फ नावें नहीं चल रहीं, बल्कि देश के भविष्य के चैंपियन भी अपने सपनों को आगे बढ़ा रहे हैं।

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