भक्तपुर में धूमधाम से मनाई गई सिंदूर जात्रा, नेवार समुदाय रंगों में सराबोर

Bhaktapur जिले के मध्यपुर थिमी क्षेत्र में बुधवार को नेवार समुदाय ने पारंपरिक उत्सव सिंदूर जात्रा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह आयोजन प्रसिद्ध Bisket Jatra का एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है।

32 रथों के साथ निकली भव्य जात्रा

मध्यपुर थिमी में आयोजित इस विशेष जात्रा में 32 देव रथ (खट) शामिल होते हैं, जो इसे और भी भव्य बनाते हैं। मुख्य देवता को रथ में विराजमान कर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर पूरे नगर में भ्रमण कराया जाता है।

रंगों में रंगा पूरा शहर

जात्रा के दौरान जब रथ विभिन्न चौराहों और गलियों से गुजरता है, तब स्थानीय लोग घरों की छतों, खिड़कियों और बालकनियों से सिंदूर और फूलों की वर्षा कर स्वागत करते हैं।
लोग एक-दूसरे को सिंदूर लगाते हैं और इसी वजह से इस पर्व को ‘सिंदूर जात्रा’ कहा जाता है।

पारंपरिक बाजों की गूंज

इस दौरान कांया बाजा, भुस्या बाजा और धिमे बाजा जैसे पारंपरिक नेवारी वाद्य यंत्रों की गूंज पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना देती है।

कुमारी देवी की शोभायात्रा

इस अवसर पर Kumari की भी विभिन्न क्षेत्रों में परिक्रमा कराई जाती है, जो इस पर्व का प्रमुख आकर्षण होती है।

संस्कृति और परंपरा का संगम

नेवार समुदाय के लोग नृत्य, संगीत और रंगों के साथ इस पर्व को मनाते हैं, जो नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का जीवंत उदाहरण है।

सिंदूर जात्रा न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह परंपरा, आस्था और उत्सव का अनूठा संगम भी है, जो हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है।

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