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ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया बयान, नाटो को दी चेतावनी; वैश्विक राजनीति में बढ़ी हलचल

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर करते हुए नाटो को चेतावनी दी है।

वॉशिंगटन में दिए गए बयान में ट्रंप ने नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान युद्ध के दौरान संगठन ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि भविष्य में भी नाटो सहयोग नहीं करता है, तो अमेरिका अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकता है।

ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “जब हमें जरूरत थी, तब नाटो साथ नहीं था।” साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी पुरानी इच्छा को दोहराते हुए उसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया।

यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ बंद कमरे में बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने ईरान युद्ध के दौरान सहयोग नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।

इससे पहले ट्रंप ने यह भी संकेत दिया था कि यदि नाटो देश अमेरिकी रुख का समर्थन नहीं करते हैं, तो अमेरिका संगठन से बाहर निकलने पर विचार कर सकता है। हालांकि, जो बाइडेन के कार्यकाल में पारित कानून के अनुसार, नाटो से बाहर निकलने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक है।

ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ट्रंप पहले भी इसे अमेरिका के नियंत्रण में लेने की इच्छा जता चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हुआ था।

उल्लेखनीय है कि नाटो की स्थापना 1949 में यूरोप की सामूहिक सुरक्षा के लिए की गई थी, जिसमें वर्तमान में 32 सदस्य देश शामिल हैं।

ट्रंप के इस ताजा बयान ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और अमेरिका-नाटो संबंधों में संभावित तनाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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