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बारिश कम हुई तो पीथमपुर में बढ़ी चिंता: फसलों पर कीटों का हमला; 17 सितंबर से चलेगा जल संरक्षण अभियान

पीथमपुर। इस साल कम बारिश के कारण क्षेत्र में फसलों पर संकट मंडराने लगा है। खेतों में मच्छर और इल्लियों का प्रकोप बढ़ने से कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने आगामी गेहूं सीजन और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है।

किसान बालाराम मीणा ने बताया कि बारिश का असर मौजूदा फसलों के साथ आगामी गेहूं की फसल पर भी पड़ सकता है। किसानों ने सरकार से सिंचाई और पेयजल की व्यवस्था करने के साथ प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

नगरपालिका ने बनाई जल संकट से निपटने की योजना
संभावित जल किल्लत को देखते हुए नगरपालिका ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। CMO आरती गरवाल ने बताया कि फिलहाल पानी की गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन भविष्य को देखते हुए जल प्रदाय प्रभारियों और सब-इंजीनियरों की टीम कार्ययोजना तैयार कर रही है।

नर्मदा जल और संजय जलाशय पर निगरानी
खलघाट से आने वाले नर्मदा जल की सप्लाई पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। वहीं संजय जलाशय में घटते जलस्तर को देखते हुए अलग रणनीति बनाई जा रही है।

17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान
नगरपालिका की ओर से 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। इसमें जल संरक्षण, जनजागरूकता और स्थानीय जल स्रोतों के गहरीकरण के कामों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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