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बालाघाट पहुंचे सीएम मोहन यादव: दूषित पानी के संक्रमण से मृतक बच्चों के परिवारों से मिले; 2-2 लाख रुपए की मदद का ऐलान

बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बालाघाट के बिरसा विकासखंड के ग्राम कोरका पहुंचे। गांव में पिछले दो महीनों में खसरे और दूषित पानी के संक्रमण से बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतक बच्चों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों से बात कर उनका दुख साझा किया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।

मृतक परिवारों को 2-2 लाख रुपए देने की बात
मुख्यमंत्री ने मृतक बच्चों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।

मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर बैगा समाज की महिलाओं ने उनसे मुलाकात की। रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं ने मुख्यमंत्री को पर्व की बधाई दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बैगा जनजाति की बहनों से राखी बंधवाई। उन्होंने बहनों को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।

नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि क्षेत्र ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सफलता हासिल की है। अब नक्सल प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर सरकार का ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार की प्राथमिकता इन गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं पहुंचाने की है। रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा।

अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने और लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दूषित पानी और संक्रमण से जुड़े मामलों पर भी लगातार नजर रखने को कहा।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, सांसद भारती पारधी, विधायक संजय उइके, गौरव सिंह पारधी, राजकुमार कर्राहे, मधु भगत, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम, पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे और गौरीशंकर बिसेन मौजूद रहे।

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