बड़वानी में छात्रों ने प्रिंसिपल को कॉलेज में रोका: खराब मैदान के खिलाफ किया प्रदर्शन: बोले- मांगें पूरी नहीं होने तक जाने नहीं देंगे

बड़वानी। शासकीय शहीद भीमा नायक स्नातकोत्तर महाविद्यालय (प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस) में खेल मैदान की खराब हालत को लेकर खिलाड़ियों और छात्रों का प्रदर्शन दूसरे दिन गुरुवार रात को हंगामे में बदल गया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्राचार्य कक्ष का घेराव कर दिया। खेल मैदान की बदहाली और वहां चल रहे निर्माण कार्य से जुड़ी खामियों को लेकर खिलाड़ी, एथलीट और छात्र प्रदर्शन कर रहे थे।
गुरुवार रात को उन्होंने प्राचार्य कक्ष के बाहर नारेबाजी की और बाद में प्राचार्य को घेर लिया। छात्रों की मुख्य मांग थी कि खेल मैदान से जुड़े मुद्दों पर कॉलेज प्रबंधन उन्हें लिखित आश्वासन दे।
लिखित आश्वासन की मांग
छात्रों ने साफ कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और कॉलेज प्राचार्य के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। छात्रों ने प्राचार्य से लिखित आश्वासन की मांग करते हुए उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
छात्रों की मांगों में खेल ग्राउंड में सुरक्षा के इंतजाम, सीसीटीवी कैमरे लगाना, जल निकासी की व्यवस्था करना और लड़कियों की सुरक्षा के लिए एक स्थाई कर्मचारी नियुक्त करना शामिल था। छात्र इन मांगों पर अड़े रहे।हालात को देखते हुए रात 11 बजे बड़वानी थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन के नेतृत्व में पुलिस टीम कॉलेज पहुंची। पुलिस ने घेरा बनाकर प्राचार्य को प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला।
दो सालों से कर रहे मांग
छात्र अंकित निगवाल ने बताया कि दो सालों से प्रिंसिपल मैडम से अपनी मांगों को लेकर बात कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगें नहीं सुनी गईं। इसी वजह से उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल मैडम मौखिक आश्वासन दे रही हैं, जबकि उन्हें लिखित आश्वासन चाहिए।
मांगें पूरी नहीं होने तक प्रिंसिपल को घर नहीं जाने देंगे
अंकित ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे प्रिंसिपल मैडम को घर नहीं जाने देंगे। थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि गुरुवार रात को छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल मैडम को घर जाने से रोका था। पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं से शांतिपूर्ण आंदोलन करने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने प्रिंसिपल मैडम को कॉलेज से घर नहीं जाने दिया। इससे कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया था।