दुनिया की शीर्ष सहकारी संस्थाओं में अमूल नंबर वन, इफको दूसरे स्थान पर – भारत की सहकारी ताकत को वैश्विक मान्यता

नई दिल्ली, 04 नवम्बर 2025 — भारत की दो प्रमुख सहकारी संस्थाओं गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (अमूल) और भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। दोनों को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (ICA) विश्व सहकारी मॉनिटर 2025 में दुनिया की शीर्ष सहकारी संस्थाओं में स्थान मिला है।
इस रैंकिंग की घोषणा कतर की राजधानी दोहा में आयोजित ICA CM50 सम्मेलन के दौरान की गई। रिपोर्ट के अनुसार, अमूल को प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रदर्शन के आधार पर विश्व की नंबर 1 सहकारी संस्था और इफको को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
अमूल की यह उपलब्धि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और सामूहिक स्वामित्व की भावना को दर्शाती है। अमूल का विशाल डेयरी नेटवर्क देशभर में लाखों किसानों की आजीविका का आधार बना हुआ है। यह सफलता भारतीय सहकारी मॉडल की शक्ति और स्थिरता का प्रमाण है, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
वहीं, इफको का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। संस्था ने सतत उर्वरक उत्पादन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इफको ने अपने मुनाफे का पुनर्निवेश सामुदायिक विकास, हरित पहलों और तकनीकी नवाचार में किया है, जिससे यह न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक मिसाल बन गई है।
यह रैंकिंग भारत की सहकारी भावना, पारदर्शिता और ग्रामीण विकास के मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला एक और बड़ा कदम है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि भारत के सहकारी क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक प्रभावशीलता का प्रमाण है।






