|

आलीराजपुर में 17 अगस्त को आंदोलन करेंगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: वेतन बढ़ाने की मांग; कहा-वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहे

आलीराजपुर। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं 17 अगस्त को आंदोलन करेंगी। जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यकर्ता 11 सूत्रीय मांग और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन देंगी।

वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहे
भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के तहत आलीराजपुर इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के शामिल होने की संभावना है। संघ का कहना है कि वर्षों से मांगों को लेकर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। अब संगठन ठोस निर्णय और मांगों के समाधान की मांग कर रहा है।

30 हजार रुपए वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा
संघ की प्रमुख मांगों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 30 हजार देना है।  सहायिकाओं को 20 हजार रुपए मासिक वेतन या मानदेय देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा, महंगाई भत्ता, पेंशन, चिकित्सा सुविधा, ESIC, EPF और ग्रेच्युटी लागू करने की मांग की गई है।

सेवानिवृत्ति के समय दें 10 लाख रुपए
सेवानिवृत्ति के समय 10 लाख रुपए की एकमुश्त राशि देने, समय पर मानदेय भुगतान और पुराने बकाये का तत्काल भुगतान करने की भी मांग है। सहायिका से कार्यकर्ता पद पर पदोन्नति में अनुभव का लाभ, मातृत्व अवकाश और समान काम-समान वेतन की मांग भी आंदोलन में उठाई जाएगी।

‘योजनाएं हम पहुंचाते हैं, सुविधाएं हमें नहीं मिलतीं’
भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष मंजुला लोहार ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। महिलाएं और बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण और कुपोषण से जुड़े अभियानों में कार्यकर्ता लगातार काम कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।

नेटवर्क की परेशानी भी होती है 
उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद कार्यकर्ताओं की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अब सरकार से केवल आश्वासन के बजाय ठोस निर्णय की अपेक्षा है। जिले में नेटवर्क की समस्या और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन के कारण काम करने में अतिरिक्त परेशानी आती है।

केंद्रों पर सुविधाओं की कमी, कार्रवाई का दबाव
जिलाध्यक्ष कमला रावत ने कहा कि जिले के कई आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल, पंखे, स्टेशनरी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है।

‘सांझा चूल्हा’ का भुगतान भी अटका
‘सांझा चूल्हा’ से जुड़ी महिलाओं ने भी भुगतान और खाद्यान्न में देरी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि कई बार 4 से 6 महीने तक राशि नहीं मिलने से आंगनवाड़ी केंद्रों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होती है।

आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री धनसिंह कनेश ने सभी संबद्ध संगठनों से 17 अगस्त के आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि संगठन अपने अधिकारों की मांग कर रहा है, किसी से भीख नहीं मांग रहा।

Share