पूर्व केंद्रीय मंत्री अबू हाशेम खान चौधरी का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

अबू हाशेम खान चौधरी का बुधवार रात निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे और लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्होंने कोलकाता के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
उनके निधन से मालदा सहित पूरे राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है, खासकर विधानसभा चुनाव से पहले यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
अबू हाशेम खान चौधरी दिग्गज कांग्रेस नेता ए. बी. ए. गनी खान चौधरी के छोटे भाई थे। उन्होंने अपने भाई के मार्गदर्शन में राजनीति में कदम रखा और बाद में मालदा जिले में कांग्रेस संगठन को मजबूत किया।
वह 1996 से 2006 तक कालियाचक विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बाद 2009 में मालदा दक्षिण लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। वर्ष 2012 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौरान उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया।
स्वास्थ्य कारणों के चलते वह पिछले कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर थे और पिछला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। वर्तमान में उनके पुत्र ईशा खान चौधरी मालदा दक्षिण से सांसद हैं।
उनके पार्थिव शरीर को आज मालदा लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।






