डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा नोटिस

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 —
सर्वोच्च न्यायालय ने डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी (Digital Arrest Fraud) से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने इनसे ऐसे मामलों में दर्ज की गई प्राथमिकियों (FIRs) का पूरा विवरण मांगा है।
पीठ ने कहा कि देशभर में बढ़ते डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम नागरिकों की सुरक्षा और निजता के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो इन मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने CBI से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या एजेंसी के पास ऐसे मामलों की जांच करने के लिए पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञता मौजूद है।
यह मामला 17 अक्टूबर को शुरू किए गए सुओ मोटू (स्वतः संज्ञान) प्रकरण से संबंधित है, जिसमें न्यायालय ने देश में डिजिटल गिरफ्तारी के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने कहा कि इन साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक सुसंगठित राष्ट्रीय रणनीति की आवश्यकता है।





