भारतीय रिज़र्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए संशोधित नियम जारी किए, एग्री-टेक खर्च भी होगा शामिल

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के लिए संशोधित मसौदा नियम जारी किए हैं। इन प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य किसानों को अधिक लचीला और तकनीक-आधारित वित्तीय समर्थन देना है।
🌱 एग्री-टेक खर्च भी होगा पात्र
मसौदे के अनुसार अब—
मिट्टी परीक्षण
मौसम पूर्वानुमान सेवाएं
जैविक प्रमाणीकरण
जैसी कृषि-तकनीक पहलों पर होने वाला खर्च भी पात्र कृषि ऋण घटकों में शामिल किया जाएगा। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
💰 2 लाख तक ऋण पर गारंटी से छूट
RBI ने प्रति उधारकर्ता 2 लाख रुपये तक के कृषि और संबद्ध ऋणों के लिए संपार्श्विक (Collateral) और मार्जिन आवश्यकताओं में छूट देने का प्रस्ताव रखा है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
🚜 सीमांत किसानों के लिए लचीली सीमा
एक हेक्टेयर तक भूमि वाले किसानों के लिए
10,000 से 50,000 रुपये की लचीली ऋण सीमा प्रस्तावित है।आहरण सीमा को फसल-वार वित्तपोषण के पैमाने के अनुरूप बनाया गया है।
⏳ ऋण अवधि और वैधता में बदलाव
अल्पावधि फसलों के लिए अवधि: 12 महीने
दीर्घावधि फसलों के लिए अवधि: 18 महीने
केसीसी की वैधता बढ़ाकर: 6 वर्ष करने का प्रस्ताव
📅 सुझाव भेजने की अंतिम तिथि
इन मसौदा नियमों पर सुझाव 6 मार्च 2026 तक भेजे जा सकते हैं।
इन संशोधनों से उम्मीद है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना और अधिक प्रभावी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनेगी, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूत वित्तीय आधार मिल सके।






