अभिषेक बनर्जी के घर 5 घंटे चली पुलिस छापेमारी, ताला तोड़कर तलाशी लेने का आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर शनिवार तड़के पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। सुबह करीब 3 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई लगभग पांच घंटे तक चली। तलाशी अभियान के बाद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और पूरे परिसर की तलाशी ली।
जानकारी के अनुसार, राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस के अधिकारी बड़ी संख्या में सुबह तड़के उनके आवास पर पहुंचे थे। तलाशी के दौरान केंद्रीय बलों के जवान भी आवास के बाहर तैनात रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कालीघाट स्थित आवास पर पहुंचीं और पुलिस कार्रवाई समाप्त होने तक वहां मौजूद रहीं।
ताला तोड़कर प्रवेश का आरोप
कार्रवाई समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पुलिस ने ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और पूरे घर की तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई का रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है। हालांकि, पुलिस किस मामले की जांच के सिलसिले में उनके आवास पर पहुंची थी, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस अभियान में शालबनी थाना क्षेत्र की पुलिस भी शामिल थी और टीम में महिला अधिकारी भी मौजूद थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि तड़के से ही आवास के बाहर भारी पुलिस बल और कई वाहनों की तैनाती की गई थी।
हाल के दिनों में कई मामलों में जांच का सामना
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अभिषेक बनर्जी विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों के समक्ष लगातार पेश हो रहे हैं। हाल ही में विधानसभा से जुड़े कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में राज्य के अपराध जांच विभाग (CID) ने उनसे पूछताछ की थी। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर वह भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुंचे थे, जहां उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी।
अदालत ने जांच जारी रखने की अनुमति देते हुए यह भी निर्देश दिया है कि दो सप्ताह तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने के लिए कहा गया है।
लगातार मिल रहे समन
शुक्रवार को भी सीआईडी की एक टीम अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची थी। यह कार्रवाई चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित भड़काऊ बयान से जुड़ी साइबर शिकायत के संबंध में की गई थी। अधिकारियों ने उन्हें 16 जून को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस सौंपा था।
वहीं हस्ताक्षर जालसाजी मामले में उन्हें 14 जून को फिर से सीआईडी मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। इसके अलावा प्राथमिक शिक्षक भर्ती अनियमितता मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उन्हें 15 जून को तलब किया है।
लगातार मिल रहे समन, विभिन्न जांच एजेंसियों की सक्रियता और शनिवार की तड़के हुई पुलिस कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
