धार के चिमन भूरिया का MPPSC में चयन: असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) बने; 2020 से 2025 तक राज्य सेवा परीक्षा में लगातार किए प्रयास

धार। राजगढ़ निवासी चिमन भूरिया का मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) के पद पर चयन हुआ है। श्री राम कॉलोनी निवासी चिमन पिता स्व. कालूसिंह भूरिया का चयन 2024 की भर्ती प्रक्रिया में द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी पद पर हुआ है। उनकी सफलता से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
राजगढ़ से की स्कूली शिक्षा
चिमन भूरिया ने हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की पढ़ाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ से पूरी की। इसके बाद स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा श्री राजेंद्रसूरी शासकीय महाविद्यालय, सरदारपुर से प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2016 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद राज्य प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया था।
2020 से 2025 तक लगातार किए प्रयास
राज्य प्रशासनिक सेवा में जाने के लक्ष्य को लेकर चिमन ने वर्ष 2020 से 2025 तक MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में लगातार प्रयास किए। इन प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने तैयारी जारी रखी। हर प्रयास के बाद अपनी कमियों को पहचानकर तैयारी में सुधार किया। इसी दौरान उन्होंने MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) के पद पर चयन हासिल किया।
पिता के निधन के बाद भी जारी रखी तैयारी
चिमन के पिता स्व. कालूसिंह भूरिया का वर्ष 2021 में निधन हो गया था। इसके बाद परिवार के सामने आर्थिक कठिनाइयां भी आईं। सीमित संसाधनों के बावजूद चिमन ने अपनी तैयारी जारी रखी। उनकी मां आंगनवाड़ी सहायिका हैं। चिमन ने बताया कि मां के संघर्ष, त्याग और सहयोग से उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
बोले- असफलता के बाद प्रयास नहीं छोड़ा
चिमन ने कहा कि लगातार मिलने वाली असफलताओं के बावजूद लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहकर मेहनत जारी रखी। वर्ष 2020 से 2025 तक राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने प्रयास नहीं छोड़ा। आखिरकार MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हुआ।
ग्रामीण और कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य
चयन के बाद चिमन ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा देने का प्रयास करेंगे। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना उनका उद्देश्य रहेगा। चिमन की उपलब्धि पर परिवारजनों, शिक्षकों, मित्रों, क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी। आंगनवाड़ी सहायिका के बेटे का MPPSC के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर बनना क्षेत्र के युवाओं के बीच चर्चा का विषय बना है।