झाबुआ में शिक्षकों का प्रदर्शन: 12 मांगों को लेकर निकाली रैली; कलेक्ट्रेट पहुंचकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

झाबुआ। कई मांगों के निराकरण को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ और अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के साथ जिलेभर के शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष महेश कुमार बामनिया के नेतृत्व में शिक्षकों ने आंबेडकर पार्क में धरना दिया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार ललित नांदले को सौंपा। संघ ने मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।

12 और 24 साल की सेवा पर कमोन्नति आदेश जारी करने की मांग
शिक्षकों ने ज्ञापन में 12 और 24 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के कमोन्नति आदेश तत्काल जारी करने की मांग की। इसके साथ ही पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कही गई। कमोन्नत वेतनमान के एरियर्स, डीए और सातवें वेतनमान की बकाया अंतर राशि का कोष एवं लेखा से सत्यापन कराकर जल्द भुगतान करने की मांग भी रखी गई।
परिवीक्षा अवधि पूरी कर चुके शिक्षकों को 100% वेतन
संघ ने तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी कर चुके नवीन शिक्षकों की परिवीक्षा समाप्त कर 100 प्रतिशत वेतन भुगतान के आदेश जारी करने की मांग की। छह माह का ब्रिज कोर्स भी समय पर पूरा कराने की मांग ज्ञापन में शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उन्हें जनगणना और बीएलओ जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाना चाहिए।
BEO, BRC और संकुल कार्यालयों में अटैच शिक्षकों को मूल संस्था भेजने की मांग
शिक्षकों ने बीईओ, बीआरसी और संकुल कार्यालयों में अटैच किए गए शिक्षकों को तत्काल उनकी मूल संस्थाओं के लिए कार्यमुक्त करने की मांग की। इसके अलावा जनगणना और बीएलओ जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए गए शिक्षकों के सेवा अभिलेख में अर्जित अवकाश का इंद्राज करने के लिए कलेक्टर के हस्ताक्षर से आदेश जारी करने की मांग भी की गई।

वरिष्ठता सूची और पदोन्नति से जुड़े मुद्दे भी उठाए
ज्ञापन में कहा गया कि जनजातीय कार्य विभाग संभाग इंदौर के अन्य जिलों में कमोन्नति और समयमान वेतन के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, जबकि झाबुआ में अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं। संघ ने इसे लेकर भी जल्द कार्रवाई की मांग की।
जनपद शिक्षा केंद्र में संलग्न बीआरसी, बीसी और सीएसी का वेतन हर महीने के पहले सप्ताह में जारी करने, वरिष्ठता सूची से छूटे पात्र शिक्षकों के नाम जोड़ने और विभागीय अनुमति से उच्च योग्यता हासिल कर चुके शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ देने की मांग भी रखी गई।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी विभाग और शासन को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं हुआ है।
ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि यदि 12 सूत्रीय मांगों का प्राथमिकता से निराकरण नहीं किया गया, तो अध्यापक शिक्षक संवर्ग आंदोलन को और तेज करेगा। प्रदर्शन और रैली में जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संघ पदाधिकारी शामिल हुए।