झाबुआ में आर्ट ऑफ लिविंग का ‘हैप्पीनेस प्रोग्राम’: 30 से ज्यादा लोगों ने सीखी सुदर्शन क्रिया; 25 सितंबर से फिर होगा आयोजन

झाबुआ। शहर के अंबा पैलेस रिसोर्ट में 18 से 20 सितंबर तक आयोजित आर्ट ऑफ लिविंग के तीन दिवसीय ‘हैप्पीनेस प्रोग्राम’ को प्रतिभागियों का अच्छा प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम में 30 से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर सुदर्शन क्रिया, योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। पहले आयोजन के बाद लोगों की रुचि को देखते हुए अब 25 से 27 सितंबर 2026 तक झाबुआ में दोबारा यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
तनाव प्रबंधन और ध्यान का कराया अभ्यास
तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सुदर्शन क्रिया के साथ तनाव प्रबंधन, मन को शांत रखने, सकारात्मक सोच और बेहतर तरीके से जीवन जीने से जुड़े अभ्यास कराए गए। योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से शरीर और मन के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया।

प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। एक प्रतिभागी ने बताया कि उन्होंने पहली बार सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया और उन्हें इससे सहजता और आनंद का अनुभव हुआ।
विजया पंवार ने बताया कि कार्यक्रम के बाद उन्हें अपने भीतर अधिक शांति और स्थिरता महसूस हुई। उन्होंने प्रशिक्षकों और मार्गदर्शकों के प्रति आभार जताया। एक अन्य प्रतिभागी ने बताया कि अभ्यास के बाद मन अधिक शांत और एकाग्र महसूस हुआ।

25 से 27 सितंबर तक फिर होगा आयोजन
पहले कार्यक्रम में शामिल लोगों के अनुभवों के बाद शहर के अन्य लोगों में भी कार्यक्रम को लेकर रुचि बढ़ी है। इसी को देखते हुए सितंबर में ही दूसरा तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार आर्ट ऑफ लिविंग के पेटलावद से वरिष्ठ शिक्षक जितेंद्र सिंह राठौर और आलीराजपुर से शिक्षक निरंजन पटेल प्रशिक्षण देंगे। आयोजन में अंबा पैलेस रिसोर्ट के नीरज राठौड़ और माधवी सैनी की भी भूमिका रही।
सुबह 6 से 9 बजे तक होगा कार्यक्रम
अगला ‘हैप्पीनेस प्रोग्राम’ 25 से 27 सितंबर 2026 तक अंबा रिसोर्ट, बाढ़कुंआ रोड, झाबुआ में होगा। कार्यक्रम का समय प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 9 बजे तक रहेगा। इस दौरान सुदर्शन क्रिया, योग, प्राणायाम और ध्यान के साथ एकाग्रता, आत्मविश्वास, तनाव प्रबंधन, भावनाओं पर नियंत्रण और बेहतर संबंधों जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रखा गया है। इच्छुक लोग ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन कर कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।