झाड़ू चली तो खुली व्यवस्था की गंदगी!: अलीराजपुर में 11 महीने से भुगतान का इंतजार; खातों में आए सिर्फ 20 से 65 रुपए

अलीराजपुर। गांधी तिराहे पर शनिवार को स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई। जनपद पंचायत CEO प्रिया काग ने हाथ में झाड़ू लेकर सफाई अभियान शुरू किया। इसी दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भुगतान को लेकर अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी।
नानपुर सेक्टर के अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों की अध्यक्ष और सचिवों ने CEO से मुलाकात की। महिलाओं ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद समूह फाटा समेत कई समूहों को करीब 11 महीने से भुगतान नहीं मिला है।
महिलाओं के अनुसार कुछ समूहों के खातों में पूरे महीने की राशि के नाम पर सिर्फ 20 से 65 रुपए तक जमा हुए हैं। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में बच्चों के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था करना मुश्किल है।
बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी, राशि का इंतजार
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की जिम्मेदारी बच्चों के लिए भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराने की है। महिलाओं का कहना है कि समय पर राशि नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानी होती है। एक महिला ने कहा कि 20 रुपए में एक दिन का पानी तक नहीं आता, ऐसे में बच्चों के भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल है।
‘सांझा चूल्हा’ के 400 रुपए भी नहीं मिले
महिलाओं ने ‘सांझा चूल्हा’ योजना के तहत मिलने वाली 400 रुपए की मासिक राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत भी की।
महिलाओं ने बताया- “भुगतान की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हम कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। मामला जिला स्तर तक भी पहुंचाया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। हमें 15 अगस्त तक समस्या दूर करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी भुगतान की स्थिति जस की तस बनी हुई है।”
छह महीने से एक साल तक इंतजार का आरोप
समूह की महिलाओं का कहना है कि राशि नियमित रूप से नहीं मिलती। कई बार छह महीने से एक साल तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। इससे समूहों के सामने बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करने में आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाती है।
स्वच्छता अभियान में कचरा वाहन भी हुआ बंद
स्वच्छता अभियान के दौरान नानपुर का कचरा वाहन भी बंद हो गया। वाहन को धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ा। ग्रामीणों ने CEO को क्षेत्र में जगह-जगह फैली गंदगी की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग भी रखी। CEO ने ग्रामीणों और दुकानदारों से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जाएगा।
अब भुगतान मिलने का इंतजार
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर प्रभारी शोभा भिंडे, सरपंच सकरी समरथ सिंह मोर्य सहित जनपद पंचायत से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
एक तरफ स्वच्छता अभियान के जरिए व्यवस्था सुधारने का संदेश दिया गया, वहीं इसी दौरान स्वयं सहायता समूहों के भुगतान का मामला सामने आया। अब 11 महीने से भुगतान का इंतजार कर रहे समूहों को राशि कब मिलती है, यह देखना होगा।