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रीवा GMH में हाई रिस्क गर्भवती का सफल सिजेरियन: 15 साल की उम्र में हुई थी हार्ट सर्जरी, डॉक्टरों ने संभाला जटिल केस; नवजात ICU में भर्ती

रीवा। गांधी स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के एक जटिल मामले में सफल सिजेरियन किया है। सतना की 28 वर्षीय प्राची पांडे की 15 साल की उम्र में हार्ट सर्जरी हो चुकी थी। इसके बावजूद डॉक्टरों की टीम ने जोखिम का आकलन कर उनकी डिलीवरी कराई। ऑपरेशन के बाद मां की हालत स्थिर है। वहीं नवजात को हृदय संबंधी समस्या के चलते ICU में निगरानी में रखा गया है।

15 साल की उम्र में हुई थी हार्ट सर्जरी
प्राची पांडे सतना की रहने वाली हैं। करीब 13 साल पहले उन्हें हृदय संबंधी बीमारी का पता चला था। जांच में उनके दिल में सुराग होने की बात सामने आई थी। परिवार ने आर्थिक परेशानी के बावजूद मंगलूर में उनकी हार्ट सर्जरी कराई थी। उस समय प्राची की उम्र करीब 15 साल थी।

सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 25 साल की उम्र तक शादी नहीं करने की सलाह दी थी। 25 साल की उम्र के बाद प्राची की शादी निखिल पांडे से हुई। कुछ समय बाद वह गर्भवती हुईं। उनकी पुरानी बीमारी को देखते हुए इस गर्भावस्था को हाई रिस्क माना गया।

सतना से रीवा किया गया रेफर
प्राची की मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए सतना और आसपास के डॉक्टरों ने प्रसव में जोखिम बताया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल से गांधी स्मृति चिकित्सालय रीवा रेफर किया गया। परिवार के लिए यह समय काफी चिंता भरा था। उन्हें जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत को लेकर डर था।

GMH में डॉक्टरों की टीम ने संभाला केस
रीवा GMH के गायनी वार्ड में प्राची को भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने उनकी लगातार निगरानी की। जांच और जोखिम का आकलन करने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने सिजेरियन करने का फैसला लिया। डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। डिलीवरी के बाद प्राची की हालत स्थिर है और उनका स्वास्थ्य ठीक बताया गया है।

नवजात को ICU में रखा गया
डॉक्टरों के अनुसार नवजात में हृदय संबंधी समस्या पाई गई है। उसके दिल में सुराग होने की बात सामने आई है। इसके चलते बच्चे को ICU में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम बच्चे की लगातार निगरानी कर रही है।

परिवार ने डॉक्टरों का जताया आभार
प्राची के पति निखिल पांडे ने बताया कि परिवार काफी चिंता में था। कई जगह प्रसव कराने में जोखिम बताया गया था। ऐसे समय में GMH के डॉक्टरों ने केस संभाला और सफल ऑपरेशन किया।

निखिल ने डॉक्टरों और पूरी मेडिकल टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सफल होने के बाद परिवार को बड़ी राहत मिली है और लंबे इंतजार के बाद घर में खुशियां लौटी हैं।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में विशेषज्ञ देखभाल जरूरी
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में समय पर जांच, लगातार निगरानी और विशेषज्ञों की टीम की देखरेख जरूरी होती है। ऐसे मामलों में सही समय पर रेफरल मिलने से इलाज की बेहतर व्यवस्था की जा सकती है।

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