धार में श्रद्धा नाहर की 31 उपवास की तपस्या पूर्ण: चातुर्मास में निकला वरघोड़ा; श्री संघ ने तपस्वियों का किया बहुमान

धार। श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ में चातुर्मास के लिए विराजित परम पूज्य साध्वीजी भगवंत श्री जितेश रत्नाश्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा-4 के सान्निध्य में धार्मिक आयोजन जारी हैं। साध्वीजी की प्रेरणा से श्री संघ में सामूहिक तपस्या का क्रम चल रहा है। इसी क्रम में श्रीमती श्रद्धा रोहित नाहर ने मासक्षमण यानी 31 उपवास की तपस्या पूर्ण की। तपस्या की अनुमोदना के लिए शुक्रवार को तपस्वियों और प्रभुजी का वरघोड़ा निकाला गया।
बग्गी में विराजित रहीं तपस्वी, प्रमुख मंदिरों में किए दर्शन
वरघोड़े में मासक्षमण की तपस्वी श्रीमती श्रद्धा रोहित नाहर और प्रभुजी को बग्गियों में विराजित किया गया। गाजे-बाजे के साथ निकला वरघोड़ा नगर के प्रमुख जैन मंदिरों में दर्शन-वंदन करते हुए स्थानीय श्री पार्श्वनाथ धर्मशाला पहुंचा। यहां वरघोड़ा धर्मसभा में परिवर्तित हो गया। श्री संघ के सदस्य उत्साह के साथ वरघोड़े में शामिल हुए। इस दौरान तपस्वियों की तपस्या की अनुमोदना करते हुए धार्मिक जयकारे लगाए गए।
31 उपवास सहित विभिन्न तपस्याओं के तपस्वी सम्मानित
श्री संघ के सदस्य पीयूष जैन ने बताया कि धर्मसभा में अट्ठाई, 10, 14 और मासक्षमण (31 उपवास) सहित विभिन्न तपस्याएं पूर्ण करने वाले तपस्वियों का सम्मान किया गया। तपस्वियों को शॉल, श्रीफल, माला और बहुमान-पत्र भेंट कर तपस्या की अनुमोदना की गई। इस दौरान श्री संघ के सदस्यों ने जयकारों के साथ तपस्वियों का उत्साहवर्धन किया।

साध्वीजी ने बताई तपस्या की महत्ता
पूज्य साध्वीजी भगवंत ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया और तपस्या की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी तपस्वियों, श्री संघ के सदस्यों और बाहर से आए मेहमानों को आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन श्री संघ के विजय मेहता ने किया। चातुर्मास समिति अध्यक्ष रोहित नाहर, श्री संघ अध्यक्ष प्रकाश बाफना एवं वर्धमान सुराणा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए श्री संघ के सभी सदस्यों और सहयोगियों का आभार जताया।