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झाबुआ में कैरियर काउंसलिंग के साथ चित्रकला प्रतियोगिता: भूरिया बोलीं- क्षमता पहचानकर चुनें भविष्य की राह; प्रतिभागी सम्मानित

झाबुआ। सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ गतिविधि के तहत सांदीपनि विद्यालय, झाबुआ में विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के मुख्य आतिथ्य और कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, स्वरोजगार और विभिन्न कैरियर विकल्पों की जानकारी दी गई।

मंत्री बोलीं- दूसरों से तुलना न करें, अपनी क्षमता पहचानें
मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि 12वीं के बाद विद्यार्थियों के सामने भविष्य की राह चुनने का महत्वपूर्ण समय आता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सही समय पर कैरियर संबंधी मार्गदर्शन मिलना जरूरी है। कई बार अभिभावकों को सभी कैरियर विकल्पों की जानकारी नहीं होती, ऐसे में शिक्षक और कैरियर काउंसलिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विकल्प चुनें। कैरियर का मतलब केवल नौकरी पाना नहीं है। स्वरोजगार और स्टार्टअप के जरिए भी युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

मंत्री ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार सफलता नहीं मिलने पर निराश नहीं होना चाहिए। दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचानकर लगातार प्रयास करना चाहिए।

मोबाइल और AI का उपयोग पढ़ाई में करने की सलाह
मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल और एआई विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साधन बन सकते हैं। जरूरत है कि इनका उपयोग सही तरीके से किया जाए। मोबाइल इस्तेमाल का समय निर्धारित हो और तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग अध्ययन एवं ज्ञान बढ़ाने के लिए किया जाए। विद्यार्थियों को तकनीक के दुरुपयोग से बचना चाहिए।

उन्होंने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों और प्रस्तुत विचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की कल्पनाओं और विचारों से भविष्य के भारत की तस्वीर सामने आती है।


कलेक्टर बोले- हर विद्यार्थी की प्रतिभा अलग
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाषण और चित्रकला जैसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच और कल्पनाओं को सामने रखने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अलग है और उसकी प्रतिभा, क्षमता और रुचि भी अलग होती है। विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ खुद की खूबियों और रुचियों को भी पहचानें। इसी आधार पर कैरियर की दिशा तय करें।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और कैरियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने जिले के उन्नत किसानों का उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में भी आधुनिक तकनीक और नई पद्धतियों के जरिए आगे बढ़ने के अवसर हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें। खेलों में रुचि रखने वाले विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रख सकते हैं। पढ़ाई के साथ खेल और मनोरंजन भी सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी हैं।

विद्यार्थियों ने ‘सपनों के भारत’ की तस्वीर भाषण और चित्रों में दिखाई
‘मेरे सपनों का भारत’ थीम पर जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। विद्यार्थियों ने विकसित भारत को लेकर अपनी कल्पनाओं को भाषण और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

भाषण प्रतियोगिता में ऋषि अरविन्द ने वर्ष 2047 में भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में विकसित भारत की अपनी परिकल्पना रखी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, विज्ञान-तकनीक और पर्यावरण संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया। गरिमा गोस्वामी ने समानता, सम्मान, शिक्षा, रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर आधारित भारत की कल्पना प्रस्तुत की।

चित्रकला में मोना, सौरभ और लक्ष्मी रहे चयनित
सांदीपनि विद्यालय में प्रतियोगिता के चयनित चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। मंत्री निर्मला भूरिया, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट और अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

चित्रकला प्रतियोगिता में:
प्रथम- मोना पिता रूपचन्द कतीजा, कक्षा 11वीं
द्वितीय- सौरभ पिता हरीश नलवाया, कक्षा 11वीं
तृतीय- लक्ष्मी निनामा, कक्षा 11वीं

भाषण प्रतियोगिता में:
प्रथम- गरिमा गोस्वामी
द्वितीय- फिरदोस हसन शेख
तृतीय- ऋषि अरविन्द

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