उज्जैन में संत समागम: स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी का प्राकट्य दिवस मनाया; CM बोले- सनातन धर्म के प्रचार में अहम योगदान

उज्जैन। इंदौर रोड स्थित होटल अंजूश्री में ब्रह्मलीन पूज्यपाद स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का 94वां प्राकट्य दिवस श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में हुए आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में संतों, जनप्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। सभी ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के जीवन, आध्यात्मिक योगदान और सेवाकार्यों को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने सनातन धर्म और वैदिक संस्कृति के प्रचार में अहम योगदान दिया। हरिद्वार में भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने देश-विदेश में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और राष्ट्रभाव को नई पहचान दिलाई।
सीएम ने कहा कि संतों के मुखारविंद से निकलने वाली वाणी से पूरा वातावरण धन्य हो जाता है। संन्यास मार्ग से जुड़कर समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले संत अपनी साधना के साथ समाज की चुनौतियों और विकास के विषयों पर भी मार्गदर्शन देते हैं। संत स्वयं के लिए कुछ नहीं चाहते, बल्कि सभी वर्गों के कल्याण की कामना करते हैं।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में दो साल बाद सिंहस्थ महापर्व का आयोजन होने जा रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत सरकार सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है।
साथ ही संतों के मार्गदर्शन और आध्यात्मिक चेतना को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि महाकाल महालोक बनने के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। पिछले साल 8 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री आए, इस साल आंकड़ा 12 करोड़ पार होने की उम्मीद है।
डॉ. यादव ने उज्जैन को धर्म, काल गणना, विज्ञान,
उज्जैन को आध्यात्मिक चेतना और दर्शन की समृद्ध भूमि बताते हुए उन्होंने शहर की प्राचीन ज्योतिषीय परंपरा और वेधशाला का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र तेजी से आधुनिक विकास की ओर बढ़ रहा है। आईटी पार्क, डीप टेक रिसर्च पार्क सहित कई परियोजनाओं के जरिए यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तकनीक और उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
संतों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि जी महाराज, साध्वी प्रज्ञा भारती संतौ देवी सहित संतगण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।
मीडिया से चर्चा में बोले सीएम- किया पुण्य स्मरण
कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परम पूज्य ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज के प्राकट्य दिवस के अवसर पर उन्होंने अपनी ओर से पुण्य स्मरण किया।
उन्होंने कहा कि आध्यात्म की नगरी और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आचार्य जूनापीठाधीश्वर महाराज स्वामी अवधेशानंद जी महाराज, स्वामी अखिलेशानंद जी महाराज, परम पूज्य हरि गिरि महाराज सहित संतों के साथ स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज का स्मरण किया गया।