महाकाल के आंगन में गणपति उत्सवः सिद्धिविनायक को 5.51 लाख मोदक का भोग; ढोल-ताशों पर झूमें भक्त

उज्जैन। सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर आस्था का रंग नजर आया। सुबह से ही शहर के बाजार गणपति प्रतिमाओं से सजे रहे और श्रद्धालु बप्पा को घर ले जाने पहुंचे। गली-मोहल्लों से लेकर भव्य पंडालों तक गणेशजी की स्थापना हुई। शहर में करीब 500 स्थानों पर प्रतिमाएं विराजित की गईं। दिनभर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से माहौल गूंजता रहा।
इन्ही मे से सबसे सुंदर तस्वीर बाबा महाकाल के आंगन में देखने को मिली, जहां सिद्धिविनायक गणेशजी की विशेष आराधना हुई। गणेश चतुर्थी पर पंचामृत अभिषेक के बाद केसर, चंदन और इत्र से भगवान का पूजन किया गया। आकर्षक श्रृंगार के बाद महाआरती हुई और बप्पा को मोदक का भोग अर्पित किया गया।

5 लाख 51 हजार मोदक का भोग
उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में विराजमान सिद्धिविनायक गणेश को गणेश उत्सव पर 5 लाख 51 हजार मोदक अर्पित किए गए। पुजारी पंडित मोहित उपाध्याय ‘नंदू गुरु’ ने बताया कि दस दिवसीय उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को मोदक प्रसाद के रूप में वितरित किए जाएंगे।
मान्यता है कि काले पत्थर से बनी सिद्धिविनायक प्रतिमा करीब 2500 वर्ष पुरानी है और राजा भर्तृहरि ने इसकी स्थापना की थी।
ढोल-ताशों की गूंज से भक्तिमय हुआ माहौल
गणेश चतुर्थी के मौके पर महाआरती में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़े बेटे वैभव यादव भी पहुंचे। उन्होंने सिद्धिविनायक भगवान की विधिवत पूजा कर आरती की। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
वैभव ने गणपति से देश-प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। महाआरती के दौरान ढोल-ताशों की गूंज के बीच सिद्धिविनायक भगवान की आरती हुई। भक्त जयकारे लगाते हुए झूमते और नाचते हुए नजर आए।