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झाबुआ में यात्री बसों की चेकिंग: पुलिस ने फायर एक्सटिंग्विशर चलवाकर देखा; परमिट-फिटनेस समेत दस्तावेज जांचे

झाबुआ। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में यात्री बसों की सघन चेकिंग की। जिला परिवहन अधिकारी कृतिका मोहटा और यातायात निरीक्षक रोहित निकम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान बसों के दस्तावेजों के साथ सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की गई।

अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना था। टीम ने बसों को रोककर परमिट, फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस समेत जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।

फायर एक्सटिंग्विशर का मौके पर कराया टेस्ट
बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी गेट, फर्स्ट एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर की उपलब्धता और स्थिति भी देखी गई।

अधिकारियों ने सिर्फ उपकरणों की मौजूदगी ही नहीं देखी, बल्कि उनकी कार्यशीलता भी परखी। इसके लिए बस चालकों और परिचालकों से मौके पर ही फायर एक्सटिंग्विशर चलवाकर उसका परीक्षण कराया गया, ताकि आपात स्थिति में इसके इस्तेमाल की तैयारी का पता चल सके।

सुरक्षा उपकरणों में खामी मिली तो चालान
जांच के दौरान जिन बसों में सुरक्षा उपकरण निष्क्रिय, अनुपयोगी या निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए, उनके खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई। वाहन संचालकों को सभी सुरक्षा उपकरण हर समय कार्यशील रखने के सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बसों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार से बचने की हिदायत
चेकिंग के दौरान बस चालकों और परिचालकों को निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाने की समझाइश दी गई। साथ ही तय गति सीमा में वाहन चलाने और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ चेकिंग और कार्रवाई का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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