नर्मदापुरम में 45 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण: नानपा-कुल्हड़ा सड़क के लिए अनिश्चितकालीन धरना; बोले- रोड नहीं तो वोट नहीं

नर्मदापुरम। नानपा-कुल्हड़ा मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गया। ग्रामीण करीब 45 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।प्रशासन ने सड़क के गड्ढों की मरम्मत शुरू करा दी है। इसके बावजूद ग्रामीण धरने से नहीं उठे। उनका कहना है कि उन्हें गड्ढों की मरम्मत नहीं, बल्कि नई और स्थायी सड़क चाहिए। ग्रामीण कलेक्टर को ही ज्ञापन देने और अपनी मांगों को लिखित में लेने पर अड़े हुए हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले ग्रामीणों में किसान, मजदूर, विद्यार्थी, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं।
5 ट्रॉलियों में लेकर पहुंचे खाने-पीने का सामान
ग्रामीण 5 ट्रॉलियों में खाने-पीने और सोने का सामान लेकर पहुंचे हैं। कलेक्ट्रेट के गेट पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का नारा है, ‘रोड नहीं तो वोट नहीं।’ उनका कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है।
9 सितंबर से चल रहा आंदोलन
नानपा-कुल्हड़ा सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले 9 सितंबर से आंदोलन चल रहा है। पहले दिन नानपा ढाना में रात 11 बजे तक धरना दिया गया था। दूसरे दिन ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों में बैठकर और लेटकर विरोध जताया। इसके बाद शुक्रवार को तीसरे दिन आंदोलन को नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट तक ले जाने का फैसला किया गया।
नर्मदा पूजन के बाद शुरू किया पैदल मार्च
शुक्रवार को ग्रामीण नानपा घाट पहुंचे। यहां मां नर्मदा का पूजन किया। इसके बाद नर्मदापुरम के लिए पैदल मार्च शुरू किया गया। करीब 45 किमी पैदल चलने के बाद ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने गेट पर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क को लेकर स्थायी समाधान नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।