इंदौर में स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत: महिला ने 10 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा; कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव

इंदौर। शहर में स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत का मामला सामने आया है। गुरुवार को शाजापुर की रहने वाली महिला ने इंदौर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला करीब 10 दिन से अस्पताल में भर्ती थी। जानकारी के अनुसार महिला को पहले सर्दी-जुकाम हुआ था। इसके बाद उसे सांस लेने में परेशानी बढ़ गई।
हालत गंभीर होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया था। जांच में वह स्वाइन फ्लू के साथ कोविड-19 पॉजिटिव भी मिली थी। इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। परिजन उसे डॉक्टर की सलाह के खिलाफ अस्पताल से उज्जैन ले गए थे। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी जुटा रहा है। उनके संपर्क में आए लोगों की भी ट्रेसिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जानकारी जुटाकर जरूरी निगरानी की जा रही है।

स्वास्थ्य अधिकारी बोले- भ्रामक खबरों से बचें
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि स्वाइन फ्लू भी सामान्य फ्लू की तरह एक बीमारी है। यह सेल्फ लिमिटिंग बीमारी है। बहुत कम मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार केवल कैटेगरी-सी के गंभीर मरीजों की जांच मेडिकल कॉलेज की लैब में कराई जानी चाहिए। यही जांच ऑथेंटिक मानी जाती है।
सामान्य सर्दी-खांसी में अनावश्यक टेस्टिंग न कराएं
डॉ. हसानी ने लोगों से सामान्य सर्दी-खांसी में अनावश्यक टेस्टिंग नहीं कराने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों से भी बचने को कहा। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीज आइसोलेशन में रहें। साथ ही परिवार के सदस्यों के संपर्क से बचें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।