बड़वानी में पुनर्वास पर फिर विवाद: एक ही प्लॉट के 2 दावेदार; 20 मामलों में डबल पट्टे की शिकायत; प्रशासन करेगा जांच

बड़वानी। सरदार सरोवर परियोजना के पुनर्वास को लेकर बड़वानी में एक बार फिर विवाद सामने आया है। जिले की 39 पुनर्वास बसाहटों में आवासीय भूखंडों की रजिस्ट्री के लिए प्रशासन को करीब 6 हजार 500 आवेदन मिले थे। इनमें से करीब 2 हजार रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। इसी बीच पुराने रिकॉर्ड में एक ही प्लॉट दो लोगों को आवंटित किए जाने के मामले सामने आए हैं।
2012 में मिला था प्लॉट, बाद में दूसरे को भी आवंटित
निर्मला बैरागी के मुताबिक उन्हें साल 2012 में प्लॉट नंबर 170 आवंटित किया गया था। वहां पहले से किसी और का निर्माण होने के कारण साल 2020 में उन्हें प्लॉट नंबर 128 दिया गया।
वहीं बद्री भीमा का कहना है कि वे सरदार सरोवर के 138 मीटर बैकवॉटर से प्रभावित हुए थे। तत्कालीन भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी के कहने पर साल 2017 में पट्टा मिलने के भरोसे पर उन्होंने प्लॉट नंबर 128 पर कब्जा लेकर मकान बना लिया।
बद्री के मुताबिक वे लंबे समय से वहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक पट्टा नहीं मिला। दूसरी ओर निर्मला का कहना है कि निशुल्क रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने पर उन्हें पता चला कि उसी प्लॉट का पट्टा बद्री के नाम भी दर्ज है।

14 साल से समस्या का समाधान नहीं
निर्मला बैरागी का कहना है कि जीआरए इंदौर के आदेश के आधार पर उन्हें पहले प्लॉट नंबर 170 और बाद में 128 नंबर का पट्टा दिया गया था। अब एक ही प्लॉट पर दो दावेदार होने के कारण रजिस्ट्री अटक गई है।
उनका कहना है कि वह करीब 14 साल से इस समस्या से परेशान हैं। विस्थापित परिवारों का कहना है कि कई लोग 25 से 26 साल से अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

गुजरात में मिली बंजर जमीन का भी आरोप
विस्थापितों ने आरोप लगाया कि कुछ परिवारों को गुजरात में ऐसी जमीन दी गई, जहां खेती करना मुश्किल है। वहीं कुकरा के डूब क्षेत्र में भी कई परिवार अब तक जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।
डूब प्रभावित किसान हिम्मतसिंह पिता मोहनसिंह के मुताबिक साल 2018 में जीआरए ने उन्हें 60 लाख रुपए के भुगतान का आदेश दिया था। उनका आरोप है कि भू-अर्जन एवं पुनर्वास विभाग इस आदेश को नहीं मान रहा और उन्हें गुजरात विस्थापित बता रहा है।
हिम्मतसिंह का कहना है कि उन्होंने गुजरात सरकार से लिखित जानकारी ली है, जिसमें उनके नाम पर वहां पुनर्वास नहीं होने की बात कही गई है।

प्रशासन बोला- 20 मामलों में डबल आवंटन की शिकायत
बड़वानी एसडीएम भूपेंद्र रावत ने बताया कि पुनर्वास स्थलों पर पात्र विस्थापितों को प्लॉट देकर रजिस्ट्री की जा रही है। अब तक करीब 2 हजार रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 20 मामलों में एक ही भूखंड पर दो पट्टे होने की शिकायत मिली है। इन मामलों की जांच की जाएगी। जांच के बाद पात्र व्यक्ति को रजिस्ट्री दी जाएगी और दूसरे पात्र व्यक्ति को अन्य स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जाएगी।
विधायक बोले- पूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ
बड़वानी विधायक राजेंद्र मंडलोई ने आरोप लगाया कि सरदार सरोवर विस्थापितों का अब तक पूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में एक ही प्लॉट दो लोगों को आवंटित किया गया है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कई विस्थापितों को 5.80 लाख और 60 लाख रुपए के पैकेज का लाभ नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन पर जमीनी हकीकत छिपाकर रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाया।