धार में किसानों का धरना प्रदर्शन: सिंचाई के लिए पानी की मांग; राशन की कालाबाजारी का आरोप लगाया

धार। कम बारिश के कारण फसलों पर संकट गहराने से किसानों ने डही बस स्टैंड पर धरना प्रदर्शन किया। कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह बघेल (हनी बघेल) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए।
किसानों ने 1127 करोड़ रुपए की डही माइक्रो उद्वाहन सिंचाई योजना से खेतों के लिए तत्काल पानी छोड़ने की मांग की। प्रदर्शन के बाद कुक्षी एसडीएम आशीष अशोक पाटिल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
126 गांवों को मिलना है लाभ
डही माइक्रो उद्वाहन सिंचाई योजना का काम वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। योजना के तहत नर्मदा किनारे ग्राम कातरखेड़ा में पंप स्टेशन बनाया गया है, जहां से धार और अलीराजपुर जिले के 126 गांवों में सिंचाई के साथ पेयजल उपलब्ध कराया जाना है।
योजना की टेस्टिंग लगभग पूरी
योजना का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ बिजली संबंधी कार्य शेष बताए जा रहे हैं। विधायक हनी बघेल ने दावा किया कि योजना की टेस्टिंग लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्घाटन और लोकार्पण के इंतजार में किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं करा रही है।
योजना का ऑनलाइन उद्घाटन होगा
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के पास समय नहीं है तो योजना का ऑनलाइन उद्घाटन किया जा सकता है, लेकिन मुरझाती फसलों को बचाने के लिए खेतों तक पानी पहुंचाना जरूरी है। धरने के दौरान डही क्षेत्र में राशन वितरण की समस्या का मुद्दा भी उठाया गया।
राशन की कालाबाजारी हो रही
विधायक ने आरोप लगाया कि उचित मूल्य की दुकानें महीने में केवल एक दिन खोली जा रही हैं और राशन की कालाबाजारी की जा रही है। कई हितग्राहियों को तीन से चार महीने से राशन नहीं मिलने का दावा भी प्रदर्शन के दौरान किया गया।
डेढ़ महीने का समय और लगेगा
वहीं एनवीडीए के इंजीनियर प्रदीप मुझालदा ने बताया कि योजना की टेस्टिंग अभी पूरी नहीं हुई है। टेस्टिंग पूरी होने में डेढ़ महीने का समय और लग सकता है। इस पर विधायक ने कहा कि कम बारिश और महंगे खाद-बीज के कारण किसानों की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से किसानों का कर्ज माफ करने और बिजली बिलों में राहत देने की मांग की।