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एमवाय चूहा कांड पर जयस का मोर्चा: टंट्या भील चौराहे से एमवाय तक पैदल मार्च; मंत्री-सीएम के इस्तीफे की मांग

इंदौर। मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने रविवार को प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता टंट्या भील चौराहे से एमवाय अस्पताल तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। यहां एमवाय चूहा कांड, बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत, भागीरथपुरा दूषित पानी कांड और छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों में दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई।

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद जयस ने राज्यपाल के नाम एसडीएम घनश्याम धनगर को ज्ञापन सौंपा। इसमें सभी मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की गई। संगठन ने स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और लापरवाही के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी रखी।

स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग
जयस राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। एमवाय अस्पताल में नवजात शिशुओं के साथ हुई घटना, बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत, दूषित पानी और कफ सिरप से बच्चों की मौत जैसे मामलों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल जांच के आदेश देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। हर मौत की जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। मुजाल्दा ने स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री की भी जवाबदेही तय करने की बात कही।

आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
ज्ञापन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जयस के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष पवन डावर, छात्र संगठन प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल बघेल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जीवन ठाकुर, छात्र संगठन जिला अध्यक्ष लखन बामनिया और जिला उपाध्यक्ष मनोज भाभर सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। जयस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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