पुरुष थी उज्जैन की काली नन्द: तांत्रिक पूजा के नाम पर महिला से लिए थे 10 लाख; यौन उत्पीड़न का केस भी दर्ज

उज्जैन। श्मशान घाट से सामने आए वीडियो में एक किन्नर अघोरी जलती चिता के पास तांत्रिक क्रिया करती और मानव मांस खाने का दावा करती दिखाई दी थीं।
मामला सामने आते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पहले पुरुष थे काली नन्द
इस विवाद में अब तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज की शिकायत के बाद मामला और चर्चा में है। उन्होंने किन्नर अघोरी काली नन्द गिरी पर श्मशान में प्रतिबंध लगाने की मांग की है। विष्णुनाथ महाराज ने कुछ साक्ष्य पुलिस के सामने रखने का दावा किया। उनका आरोप है कि काली नन्द पहले पुरुष थे और तेलंगाना में एक बीटेक छात्रा से शादी की थी। साथ ही, एक महिला से 10 लाख रुपये की ठगी के आरोप में जेल जाने का भी दावा किया गया है।
तेलंगाना में भी काली के खिलाफ मामले दर्ज
उज्जैन के श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ ने काली नंद गिरी को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। उनका आरोप है कि तेलंगाना में भी काली के खिलाफ मामले दर्ज रहे हैं, जिनमें शादी के नाम पर ठगी और जान से मारने की धमकी जैसे आरोप शामिल हैं।
कौन है काली नंदी गिरी
सोमवार को किन्नर अखाड़े से जुड़ी होने का दावा करने वाली काली उर्फ नंद गिरी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा किया, जिसमें वह तलवार लिए जलती चिता के पास शव के टुकड़े खाने का दावा करती नजर आई। वीडियो हटाए जाने के बाद मंगलवार रात उसने फिर श्मशान से वीडियो बनाया। इसमें वह चिता की राख शरीर पर लगाते हुए आलोचकों को धमकाती दिखी और कहा कि पीठ पीछे बोलने वालों में हिम्मत है तो सामने आएं, क्योंकि वह यहीं रहती है।
क्या है असली नाम और कब करी शादी
प्रदेश प्रकाश की टीम ज़ब काली नंद गिरी को लेकर तांत्रिक विष्णुनाथ के पास पहुंची तो उन्होंने कई दावे किए हैं। उनके मुताबिक, काली नंद गिरी का असली नाम अघोरी अल्लूरी श्रीनिवास है और वह तेलंगाना की रहने वाली है। विष्णुनाथ का दावा है कि वह जन्म से किन्नर नहीं, बल्कि सर्जरी के बाद किन्नर बनी। तेलंगाना-आंध्र में ‘लेडी अघोरी’ के नाम से चर्चित काली नंद गिरी ने सनातन धर्म और मंदिरों की रक्षा की बातें कीं। अप्रैल 2025 में एक युवती ने उस पर शादी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे।
किस लड़की को फसाया
तेलंगाना से मिली जानकारी के अनुसार, वर्षिणी नाम की छात्रा घर छोड़कर काली नंद के साथ हैदराबाद पहुंची थी। पुलिस को दिए पत्र में उसने खुद को उनकी शिष्या बताते हुए आध्यात्मिक ज्ञान लेने की बात कही। दोनों ने पहले मां-बेटी के रूप में पहचान बताई, लेकिन बाद में धार्मिक स्थलों पर विवाह की रस्में निभाईं। वरमाला, सिंदूर और मंगलसूत्र की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।
विवाह के लिए दबाव बनाया
शादी के कुछ ही समय बाद छात्रा ने काली नंद गिरी पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा का दावा था कि उस पर विवाह के लिए दबाव बनाया गया और पीछे हटने पर सामाजिक बदनामी तथा आत्महत्या जैसी धमकी दी गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि वह वास्तविक अघोरी नहीं है और लोगों से पैसे ऐंठता है। पूजा के नाम पर शराब-सिगरेट के सेवन का आरोप भी लगाया गया। इसके बाद तेलंगाना में शिकायत दर्ज कराई गई।
महिला से 10 लाख रुपए ठगने का आरोप
तेलंगाना में भी काली नंद गिरी अघोरी के खिलाफ शिकायत सामने आई थी। शंकरपल्ली की एक महिला फिल्म निर्माता ने मोकिला पुलिस थाने में आरोप लगाया था कि परिवार को बुरी शक्तियों से बचाने और तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये लिए गए। पैसे लौटाने की मांग पर धमकी दी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV के आधार पर 22 अप्रैल 2025 को यूपी से गिरफ्तारी की थी।
मेडिकल जांच में बड़ा खुलासा:
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद हैदराबाद के चेवेल्ला सरकारी अस्पताल में अघोरी की मेडिकल जांच कराई गई। रिपोर्ट में उसका मूल नाम श्रीनिवास बताते हुए पुरुष होने की पुष्टि का दावा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, उसने चेन्नई और इंदौर में दो बार जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी कराई थी और बाद में खुद को ‘अघोरी माता’ के रूप में पेश किया।
यौन उत्पीड़न का केस भी दर्ज
इसके तुरंत बाद, करीमनगर के कोथापल्ली पुलिस स्टेशन में भी एक अन्य महिला के साथ वित्तीय धोखाधड़ी और गंभीर शोषण (यौन उत्पीड़न/अपहरण) से जुड़ी शिकायतों के तहत धारा 64(1), 87, 318(4), और 351(2) BNS के तहत एक और केस दर्ज किया गया था।