पेटलावद में निकली नीलकंठेश्वर महादेव की शाही सवारी: बाबा ने जाना प्रजा का हाल; जगह-जगह हुआ स्वागत

पेटलावद। भगवान नीलकंठेश्वर महादेव की भव्य शाही सवारी निकाली गई। बैंड-बाजों और ढोल-ढमाकों के बीच निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा।
शाही सवारी का आयोजन नीलकंठेश्वर भक्त मंडल ने सर्व समाज की सहभागिता से किया। इसमें अलग-अलग समाजों के लोगों ने हिस्सा लिया। श्रद्धालु भगवान नीलकंठेश्वर महादेव के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए।
पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले बाबा
शाही सवारी की शुरुआत श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से हुई। मान्यता के अनुसार बाबा नीलकंठेश्वर महादेव अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकले। भगवान को शाही पालकी में विराजमान किया गया।
इस दौरान कहार समाज ने वर्षों पुरानी परंपरा निभाई। समाज के सदस्यों ने श्रद्धा और समर्पण के साथ पालकी को अपने कंधों पर उठाया। इसके बाद बाबा की पालकी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।
पालकी के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु चलते रहे। रास्तेभर भगवान के जयकारे गूंजते रहे। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर शाही सवारी का स्वागत किया।

इन मार्गों से होकर गुजरी शाही सवारी
शाही सवारी नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर श्रद्धांजलि चौक पहुंची। यहां से महाकाल पथ, गणपति चौक, अंबिका चौक और शनि मंदिर होते हुए राधाकृष्ण मंदिर पहुंची।
इसके बाद यात्रा सुभाष मार्ग, झंडा बाजार, कहार मोहल्ला, गांधी चौक और रामदेवजी मंदिर से होकर गुजरी। फिर पुराने बस स्टैंड होते हुए शाही सवारी वापस श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंची।
रात 12 बजे हुई महाआरती
शाही सवारी के दौरान पूरे नगर में श्रद्धा का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने के बाद रात 12 बजे महाआरती की गई। इसके साथ ही शाही सवारी का समापन हुआ।
शाही सवारी में धर्म और आस्था के साथ सामाजिक एकता की झलक भी देखने को मिली। सर्व समाज की सहभागिता और कहार समाज द्वारा निभाई गई पारंपरिक जिम्मेदारी आयोजन का खास आकर्षण रही।