इंदौर के 4 प्रमुख रास्ते होंगे अतिक्रमण मुक्त, इंटरसिटी बसें शहर से बाहर

इंदौर। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच अब यातायात व्यवस्था को नए सिरे से बदलने की तैयारी है। शनिवार को रेसीडेंसी कोठी में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर बैठक में शहर के ट्रैफिक को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया। इसमें 17 प्रमुख चौराहों के लेफ्ट टर्न चौड़े करने के बाद अब शहर के अन्य प्रमुख लेफ्ट टर्न भी चौड़े करने, तीन प्रमुख सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने और शहर में दौड़ रही इंटरसिटी बसों को शहर की सीमा से बाहर करने पर सहमति बनी।
ट्रैफिक सुधार की इस योजना को तत्काल राहत से लेकर भविष्य के मास्टर प्लान तक तीन चरणों शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म में बांटा गया है। यानी अगले एक साल में जहां चौराहों और बॉटलनेक पर काम होगा, वहीं 1 से 3 साल में फ्लाईओवर, बस नेटवर्क और मंडियों की शिफ्टिंग जैसे बड़े फैसले जमीन पर उतरेंगे। तीन साल के बाद ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और पैदल-साइकिल आधारित नेटवर्क पर फोकस होगा। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह, एआरटीओ राजेश गुप्ता सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
ट्रैफिक सुधार का 3-ई फॉर्मूला
शहर की ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए प्लान को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है।
- 70 प्रतिशत इंजीनियरिंग चौराहों की री-डिजाइनिंग, लेफ्ट टर्न चौड़े करना, सड़क सुधार और फ्लाईओवर।
- 15 प्रतिशत एनफोर्समेंट चालानी कार्रवाई, लेन अनुशासन और सीसीटीवी निगरानी।
- 15 प्रतिशत एजुकेशन स्कूल-कॉलेजों में ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूकता।
पहले साल में सड़क पर दिखेगा असर
- लेफ्ट टर्न और बॉटलनेक सभी प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न को सुगम किया जाएगा। जहां सड़क की ज्योमेट्री ट्रैफिक रोक रही है, वहां उसे सुधारा जाएगा।
- सड़क पर पार्किंग बंद मुख्य सड़कों और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग पर रोक लगाने की तैयारी है।
- अतिक्रमण और आवारा मवेशियों पर कार्रवाई प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने के साथ आवारा मवेशियों की समस्या पर भी सख्ती होगी।
- ई-चालान और मोबाइल कोर्ट सीसीटीवी से नियम तोड़ने वालों पर ई-चालान की कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। मोबाइल कोर्ट के जरिए भी कार्रवाई तेज होगी।
- रात में होगी माल ढुलाई कमर्शियल वाहनों के लोडिंग-अनलोडिंग के लिए रात का समय निर्धारित किया जाएगा, ताकि दिन के पीक आवर्स में सड़क पर जाम न लगे।
1 से 3 साल में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, 25 से ज्यादा फ्लाईओवर का प्लान
शहर में वाहनों की औसत गति वर्तमान में करीब 16-17 किमी/घंटा बताई गई है। इसे बढ़ाने के लिए व्यस्त इलाकों में 25 से अधिक फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम होगा।
सिटी बसें 350 से बढ़कर 1500 होगी
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए सिटी बसों का बेड़ा करीब 350 से बढ़ाकर 1,500 करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही शहर के भीतर चलने वाली लगभग 1,500 इंटरसिटी बसों को नियंत्रित कर शहर की सीमा से बाहर करने के लिए औपचारिक नीति तैयार की जाएगी।
थोक मंडियां शहर से बाहर
शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव बढ़ाने वाली थोक मंडियों और लोडिंग-अनलोडिंग जोन को निर्धारित बाहरी क्षेत्रों में शिफ्ट करने की योजना है। गंगवाल, सरवटे, नायता मुंडला और कुमेडी बस टर्मिनलों के बीच 24×7 परिवहन कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। वहीं दफ्तरों और बाजारों के खुलने-बंद होने के समय में बदलाव कर ट्रैफिक के पीक आवर्स को कम करने की योजना है।
3 साल बाद ट्रैफिक का पूरा सिस्टम बदलेगा, अलग ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल
लॉन्ग टर्म प्लान में समर्पित ट्रैफिक इंजीनियरिंग सेल बनाने का प्रस्ताव है। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को ट्रैफिक के नजरिए से जांचे बिना मंजूरी न देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। शहर की बढ़ती जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस बल को करीब 1,200 से बढ़ाकर 2,500-3,000 तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
ई-चालान सीधे डिजिटल पेमेंट सिस्टम से
भविष्य में ई-चालान व्यवस्था को वाहन मालिक के बैंक खाते और फासटैग जैसे डिजिटल सिस्टम से जोड़कर जुर्माने की वसूली को ज्यादा प्रभावी बनाने की योजना है। शहर में समर्पित साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए विशेष स्ट्रीट विकसित करने की योजना भी लॉन्ग टर्म प्लान में शामिल है।