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रीवा में ड्रम से घर पहुंचाया शव: बाढ़ से गांव का रास्ता बंद; ग्रामीण बोले- पंचायत ने कहा- ‘यह हमारा काम नहीं’

रीवा। रौली में बाढ़ के बीच प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है। रौली निवासी मोतीलाल तिवारी का संजय गांधी अस्पताल में निधन हो गया था। अस्पताल से शव गांव लाया गया। गांव में बाढ़ का पानी भरा होने से घर तक जाने का रास्ता बंद था। परिजनों और ग्रामीणों को शव घर तक पहुंचाने में काफी परेशानी हुई। ग्रामीणों ने दो ड्रमों को आपस में बांधा। इसके ऊपर शव रखा गया। फिर तेज बहाव के बीच ड्रम के सहारे पानी पार किया गया।

ग्रामीणों ने पंचायत पर लगाए आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि शव को घर तक पहुंचाने के लिए पंचायत से मदद मांगी गई थी। इस दौरान महिला सरपंच और उनके देवर और GRS विवेक तिवारी से संपर्क किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक मदद से इनकार करते हुए कहा गया कि “यह हमारा काम नहीं है।” ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

बाढ़ से गांव का रास्ता बंद
ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के कारण गांव के रास्ते बंद हैं। लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे हालात में एक परिवार को अंतिम यात्रा के लिए भी सरकारी मदद नहीं मिल सकी। मजबूरी में ग्रामीणों ने ड्रम को नाव की तरह इस्तेमाल किया।

प्रशासन से मदद की मांग
ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित गांवों में तत्काल आवागमन की व्यवस्था की मांग की है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में ग्रामीणों को मदद मिलनी चाहिए।
ग्रामीणों ने शव को घर या अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाने जैसी परिस्थितियों में भी प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही पंचायत की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की गई है।

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