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धार में खेतों के बीच से निकली अंतिम यात्रा: श्मशान तक जाने की रोड नहीं; ग्रामीण बोले- वर्षों बीत गए लेकिन काम नहीं हुआ

धार। विकास के दावों के बीच धार जिले के सुनारखेड़ी गांव की एक तस्वीर व्यवस्था की हकीकत सामने ला रही है। यहां अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को खेतों के बीच से होकर गुजरना पड़ा। रास्ते में सोयाबीन की फसल थी और इसी के बीच से अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव में श्मशान घाट और वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामीणों के सामने यह मजबूरी बनी।

अब इस वीडियो के सामने आने के बाद ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली और वर्षों से रूखी हुई सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। वीडियो में दिख रहा है कि कई लोगों को खेतों के बीच में से होकर निकलना पड़ रहा है। गांव में सड़क न होने के कारण हमेशा से यहां ऐसी समस्या बनी रहती है।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही सुनारखेड़ी में जल्द से जल्द स्थायी श्मशान घाट बनाने और वहां तक पहुंचने के लिए पक्के एवं सुगम रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ गांव में अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी और सम्मानजनक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। अब वीडियो सामने आने के बाद देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और ग्राम पंचायत इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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