| |

कटनी जमीन धोखाधड़ी केस में CSP नेहा पच्चीसिया सस्पेंड: CM बोले-कानून-व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; कार्यालय सील

कटनी। जमीन सौदे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने CSP नेहा पच्चीसिया को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देश पर कटनी स्थित CSP कार्यालय को सील कर दिया।

आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी इस कार्रवाई की जानकारी साझा की गई है। CM ने कहा है कि कानून-व्यवस्था और पुलिस से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। SIT जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। 

निष्पक्ष जांच के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच करने का आदेश दिया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कुठला थाने में FIR दर्ज होने के बाद PHQ भोपाल से मिले निर्देश पर CSP कार्यालय को सील कर दिया है।

 

एयरहोस्टेस से बनीं अफसर, अवैध वसूली में फंसी CSP नेहा, 3 थानों का प्रभार लिया गया वापस - Katni CSP Neha Pachisiya has been relieved of the charge of three police stations

रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत किए सुरक्षित
कार्यालय को सील इसलिए किया है कि सौदे से जुड़े दस्तावेज, केस डायरी, कार्यालय का रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत सुरक्षित रहे। इससे जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ नहीं होगी। विभागीय जांच और SIT जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में कराने का आरोप
आएओप है कि रमेश लोधी पर दबाव बनाकर और फिर उसकी हत्या करके कंहवारा स्थित जमीन का सौदा कराया गया। जमीन की गाइडलाइन कीमत 82.86 लाख रुपए बताई गई है। इसे 18.20 लाख रुपए में मारूफ अहमद हनफी के नाम ट्रांसफर करा दिया। सौदे में CSP के करीबी क्षितिज राज बारापत्रे के बैंक खातों से फंडिंग की गई थी।


तीन लोगों के खिलाफ FIR

कुठला थाने में CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ BNS की धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।

कौन हैं नेहा पच्चीसिया, एयरहोस्टेस से बनीं डीएसपी, CM ने क्यों किया सस्पेंड?
कौन हैं नेहा पच्चीसिया
नेहा पच्चीसिया मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं। उन्होंने 12वीं के बाद एविएशन में डिप्लोमा किया। फिर एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू की।

उन्होंने MPPSC-2012 की परीक्षा दी। इसका अंतिम परिणाम 2016 में आया। नेहा ने परीक्षा में पूरे प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल की। इसके बाद पुलिस सेवा में उनका चयन हुआ। DSP के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग गुना में CSP के रूप में हुई।

इसके बाद वे भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय यानी PHQ और खंडवा जिले में भी पदस्थ रहीं। मई 2025 में पुलिस मुख्यालय की ट्रांसफर लिस्ट के बाद उन्हें कटनी का नया CSP बनाया गया था।

एयर होस्टेस थी ये DSP, इसलिए छोड़ी थीं विदेश की मल्टीनेशनल कंपनीज की जॉब - Female police officer air hostess DSP Neha Pachisia family career struggle achievement posting tlif - AajTak

यह है आरोप
नेहा पर आरोप है कि हत्या के नामजद आरोपी रमेश लोधी को केस में बचाने के लिए उसकी जमीन का सौदा कराया था। रमेश लोधी के नाम दर्ज कंहवारा की जमीन पर दबाव बनाकर उसे बेहद कम कीमत में दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराया गया। पुलिस जांच में दावा किया गया कि जिस जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से कीमत करीब 82.86 लाख रुपए बताई गई, उसकी रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपए में मारूफ अहमद हनीफ के नाम कराई गई।
जमीन सौदे में धोखेबाजी कैसे हुई
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, रमेश लोधी हत्या के मामले में नामजद आरोपी था। आरोप है कि उसे राहत दिलाने के लिए उसकी जमीन को कम कीमत पर बेचने या ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया गया।

इसके बाद जमीन का सौदा मारूफ अहमद हनीफ के नाम कराया गया। आरोप यह भी है कि इस पूरे सौदे में क्षितिज राज बारापात्रे की भूमिका रही। उसके खातों से पैसों की फंडिंग किए जाने की बात जांच में सामने आई।

जांच के बाद दर्ज हुई FIR
गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच कराई। जांच के बाद गुरुवार को कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। इसमें CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनीफ को आरोपी बनाया गया है।
Share