बारिश में भी नहीं सुधरी पानी की समस्या: धार के ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर; PHE पर लापरवाही का आरोप

धार। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए नल-जल मिशन योजना संचालित की जा रही है, लेकिन धार जिले के गंधवानी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोबनी में ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और उन्हें मजबूरी में झिरों और नालों का दूषित पानी पीना पड़ रहा है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
गर्मी के बाद बारिश में भी पानी की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में तो पानी की समस्या थी ही, लेकिन बारिश के दौरान भी हालात नहीं सुधरे हैं। गांव में पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध नहीं होने से लोगों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने दूषित पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी जताई है।

अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ज्ञानसिंह डावर, रगन भाबर, उपसरपंच भूरू भाबर और कैलाश अलावा ने PHE विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभाग के अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक गांव में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने PHE विभाग के उपयंत्री सुनील जमरे पर भी समस्या की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो प्रदर्शन की चेतावनी
डोबनी के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि गांव में पानी की व्यवस्था जल्द शुरू नहीं की गई तो ग्रामीण जिला मुख्यालय धार पहुंचकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और प्रदर्शन करेंगे।