लक्ष्मी मित्तल के स्टील प्लांट पर रूस का मिसाइल अटैक: 2 लोगों की मौत, 13 घायल; प्रोडक्शन प्रभावित

कीव। रूस ने शनिवार रात भारतीय अरबपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल के स्टील प्लांट पर मिसाइल हमला किया। हमले में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 कर्मचारी और ठेकेदार घायल हुए हैं।
भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल इसके चेयरमैन और प्रमुख शेयरधारकों में शामिल हैं। यह यूक्रेन का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है। यह प्लांट देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है।
हमले में प्लांट की ऊर्जा व्यवस्था और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। इसके चलते स्टील उत्पादन का कुछ काम अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम, बचाव दल और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं।

प्लांट की ऊर्जा व्यवस्था और ब्लास्ट फर्नेस को नुकसान|
हमले में प्लांट की बिजली व्यवस्था और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद ,फायर ब्रिगेड की टीम, बचाव दल और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव का काम शुरू किया गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
आर्सेलरमित्तल का यह प्लांट यूक्रेन के सबसे बड़े स्टील प्लांट्स में शामिल है। यहां स्टील उत्पादन के लिए बड़े ब्लास्ट फर्नेस और कई दूसरी उत्पादन इकाइयां हैं। नुकसान के चलते कंपनी को कुछ काम अस्थायी तौर पर रोकना पड़ा है।
लक्ष्मी मित्तल का प्लांट से क्या कनेक्शन है?
क्रिवी रिह का यह स्टील प्लांट आर्सेलरमित्तल कंपनी का हिस्सा है। कंपनी के चेयरमैन और प्रमुख शेयरधारकों में भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल शामिल हैं।
यह प्लांट यूक्रेन के प्रमुख औद्योगिक केंद्र क्रिवी रिह में स्थित है। शहर का एक और खास कनेक्शन है। यह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का गृहनगर है।
2005 में खरीदा था प्लांट
क्रिवी रिह का स्टील प्लांट पहले यूक्रेन की सरकारी कंपनी के पास था। साल 2005 में लक्ष्मी मित्तल की कंपनी मित्तल स्टील ने इसे खरीद लिया था।
इसके बाद मित्तल स्टील का आर्सेलर के साथ विलय हुआ। 2006 में आर्सेलरमित्तल कंपनी बनी और यह प्लांट उसी का हिस्सा बन गया।
पहले भी हुआ था हमला
इस प्लांट पर रूस 2022 में भी हमला कर चुका है। रूसी मिसाइल हमले में प्लांट की एक रोलिंग मिल को नुकसान पहुंचा था। उस हमले में एक कर्मचारी की मौत हुई थी।
इस बार हुए हमले में भी उत्पादन से जुड़े अहम हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने स्थिति को देखते हुए प्लांट का कुछ काम अस्थायी तौर पर रोक दिया है।