| |

15 अगस्त पर केंद्रीय जेल रीवा से 15 कैदी हुए रिहा: रिहा होने वालों में एक महिला भी; रिहा होने वालों में एक महिला भी

रीवा। स्वतंत्रता दिवस पर केंद्रीय जेल रीवा से 15 आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों को रिहा किया गया। इनमें एक महिला कैदी भी शामिल है। सभी ने शासन द्वारा निर्धारित रिहाई के मापदंड पूरे किए थे।

14 साल की सजा और 20 साल की अवधि पूरी
जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने बताया कि रिहा हुए कैदियों ने 14 वर्ष की वास्तविक सजा और माफी सहित कुल 20 वर्ष की अवधि पूरी कर ली थी। इनके रिहाई के लिए जेल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद सजा में छूट का लाभ दिया गया।

सभी हत्या के मामलों में काट रहे थे सजा
रिहा किए गए सभी कैदी IPC की धारा 302 के तहत हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे थे। इनमें मिठाई लाल कोल, अमरीश नामदेव, बृजेश बैगा, सोनू बर्मन, केमला वासुदेव, सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला, शिवकुमार महारा, राजकुमार, पालन, सबलाल, रंगलाल यादव, लीलावती गोंड़, उमाशंकर गौतम, शिव संपत निषाद, राम दयाल चौकसे और राम खेलावन शामिल हैं।

जेल में दिया व्यावसायिक प्रशिक्षण
जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदियों को जेल में विभिन्न प्रकार का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य रिहाई के बाद उन्हें हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कैदियों से दोबारा अपराध न करने और समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।

उमाशंकर बोले- किए पर प्रायश्चित किया
रिहाई के बाद उमाशंकर गौतम ने कहा कि उन्होंने जेल में रहते हुए अपने किए पर प्रायश्चित किया है। उन्होंने कहा कि वे अपने पूर्व जन्मों के कर्मों के कारण जेल में थे और उन्होंने अपने पापों का प्रायश्चित किया है।

Share