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उज्जैन महाकाल गर्भगृह में प्रवेश के लिए फर्जीवाड़ा: जूना अखाड़े के नाम से बनाया नकली पत्र, पुलिस ने शुरू की जांच

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर फर्जीवाड़ा हुआ है। पंचदशनाम जूना अखाड़े के संरक्षक हरिगिरि महाराज के नाम से नकली हस्ताक्षर और सील लगाकर चार साधु-संतों को स्पर्श दर्शन करने की फर्जी अनुमति पत्र जारी किए गए है।

घटना सामने आने के बाद जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन भारती ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब पत्र की जानकारी और इसके पीछे शामिल लोगों की जांच में कर रही है।

महाकाल मंदिर में पहले भी भस्म आरती, शीघ्र दर्शन और आवास व्यवस्था के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन इस बार अखाड़े के नाम और संत के कथित फर्जी हस्ताक्षर व सील लगाकर गर्भगृह प्रवेश की अनुमति मांगने का मामला सामने आया है, जिसे अब तक का पहला ऐसा प्रकरण माना जा रहा है।

4 दिन पहले मिला मंदिर समिति को पत्र
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन भारती ने बताया कि 11 अगस्त को महाकाल मंदिर समिति को एक संदिग्ध पत्र प्राप्त हुआ। यह पत्र अखाड़े के संरक्षक हरिगिरि महाराज के नाम से भेजा गया था, जिस पर कथित तौर पर नकली हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल किया गया।

पत्र में चार संतों के उज्जैन आगमन का हवाला देते हुए उनके लिए महाकाल के स्पर्श दर्शन और जल अर्पण की विशेष अनुमति मांगी गई थी।

जांच मे पत्र निकला फर्जी
पत्र मिलने पर महाकाल मंदिर प्रबंधन ने उसकी पुष्टि के लिए जूना अखाड़े से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि संरक्षक हरिगिरि महाराज की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया था। इसके बाद अखाड़े ने मामले को गंभीर मानते हुए महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई।

फर्जी दस्तावेज भी पुलिस को सौंप दिया गया है। अखाड़े ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अखाड़े के रिकॉड मे नहीं संत
मोहन भारती के अनुसार, पत्र में उल्लेखित चारों संतों की पहचान अखाड़े के रिकॉर्ड में नहीं है। अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नकली पत्र किसने बनाया और उसे महाकाल मंदिर प्रशासन तक किस माध्यम से पहुंचाया गया। मामले की जांच जारी है।

पुलिस मामले की जांच मे जुटी
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार, जूना अखाड़े की ओर से प्राप्त शिकायत में संबंधित पत्र को फर्जी बताया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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