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आज रात लगेगा साल का दूसरा सूर्यग्रहण: 4 घंटे 31 मिनट तक रहेगा ‘आसमान मे नजारा’; यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा

उज्जैन। वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्यग्रहण 12 अगस्त की रात से शुरू होगा। यह पूर्ण सूर्यग्रहण होगा और करीब 4 घंटे 31 मिनट तक चलेगा। लेकिन भारत में यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं देगी। ऐसे में भारत में न तो ग्रहण का दृश्य दिखाई देगा और न ही इससे जुड़े सूतक आदि के नियम लागू होंगे।

उज्जैन स्थित जीवाजीराव वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त के अनुसार, सूर्यग्रहण 12 अगस्त को भारतीय मानक समय के मुताबिक रात 9:04:03 बजे शुरू होगा। ग्रहण की मध्य स्थिति रात 11:15:09 बजे होगी, जबकि इसका मोक्ष 13 अगस्त को रात 1:27:09 बजे होगा। दरअसल चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा दीर्घवृत्ताकार कक्षा में करता है।

अमावस्या के दौरान जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच लगभग एक सीध में आ जाता है, तब सूर्यग्रहण की स्थिति बनती है। जब चंद्रमा पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब होता है और सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तो इसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहा जाता है।

किन देशों में दिखाई देगा सूर्यग्रहण?
ग्रहण की मध्य स्थिति में चंद्रमा सूर्य के करीब 103.8 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा। इस दौरान जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई देगा, वहां कुछ समय के लिए दिन में अंधेरा छा सकता है।

खगोलीय गणना के अनुसार इसे पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, उत्तरी अटलांटिक महासागर और उत्तरी प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। लेकिन सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

भारत में क्या होगा असर?
ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला ने बताया कि पंचांग की गणना के अनुसार यह सूर्यग्रहण श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर होगा। इसके बाद श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की स्थिति भी बनेगी।

दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दर्शन होने पर ही सूतक आदि के नियमों का पालन किया जाता है। चूंकि भारत में यह सूर्यग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसके सूतक या धार्मिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

यानी, आसमान में होने वाली यह बड़ी खगोलीय घटना दुनिया के कई हिस्सों में रोमांच पैदा करेगी, लेकिन भारत में लोग इसे अपनी आंखों से नहीं देख सकेंगे।

 

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