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बेटमा में किसान बोले- हमारी जमीन खनन संचालकों की जागीर नहीं: SDM को सौंपा ज्ञापन; कहा- CM तय करें जवाबदेही

बेटमा। अवैध खनन के खिलाफ किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बेटमा, देपालपुर, सेजवानी,दौलताबाद रंगवासा एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान मौजूद रहे। उन्होंने अनियमित एवं अत्यधिक गहरे खनन, किसानों की निजी भूमि की सीमाओं के उल्लंघन, रॉयल्टी एवं लीज संबंधी अनियमितताओं तथा पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी को लेकर भारतीय किसान मजदूर सेना ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देपालपुर एसडीएम के रीडर को सौंपा।

संयुक्त टीम से सीमांकन करवाया जाएगा 
किसान नेता बबलू जाधव ने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खनन क्षेत्रों का राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम से सीमांकन कराया जाए तथा स्वीकृत सीमा, गहराई, रॉयल्टी, खनिज परिवहन और पर्यावरणीय अनुमति की निष्पक्ष जांच हो।

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी 
उन्होंने कहा कि यदि जांच में अवैध खनन या किसानों की भूमि में अतिक्रमण प्रमाणित होता है तो संबंधितों से नुकसान एवं राजस्व की वसूली कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर सीएम जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करें।

किसानों की जमीन संचालक की जागीर नहीं
“किसानों की जमीन किसी खनन संचालक की जागीर नहीं है। कानून सभी के लिए समान है और किसानों की जमीन, फसल एवं पर्यावरण की कीमत पर किसी भी प्रकार का अनियमित खनन स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
इस अवसर पर किसान नेता बबलू जाधव, चंदन सिंह बड़वाया एवं शैलेंद्र पटेल सहित किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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