इंदौर में 6 साल से गाड़ी चोरी कर रही गैंग गिरफ्तार: 15 मिनट में डिसमेंटल कर देते है वाहन; पहले भी हो चुकी है FIR

इंदौर। क्राइम ब्रांच ने दोपहिया वाहन चोरी करने वाली गैंग को पकड़ लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंसारी परिवार से जुड़े तीन संस्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 12 इंजन बरामद किए गए हैं। इनमें से 5-6 इंजनों का चोरी की गाड़ियों से जुड़ी एफआईआर से मिलान भी किया जा चुका है।
10 से 15 मिनट में डिसमेंटल कर देते है गाड़ी
क्राइम ब्रांच ने अल्ताफ अंसारी और अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह वाहन चोरी करने के बाद उन्हें तुरंत अलग-अलग पार्ट्स में डिसमेंटल कर देता था। आरोपी 10 से 15 मिनट के भीतर एक वाहन को पूरी तरह खोल देते थे। इसके बाद उपयोगी पार्ट्स को अलग-अलग बेच दिया जाता था, जबकि काम के नहीं रहने वाले पार्ट्स को क्रश कर कबाड़ में बेच देते थे।
6-7 साल से वाहन चोरी कर रहे
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी भाई हैं। इनमें से एक आरोपी का भाई वार्ड नंबर 60 की पार्षद का पति बताया गया है। आरोपी पिछले करीब 6-7 साल से वाहन चोरी की वारदातों में सक्रिय थे। पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह एक दिन में करीब 4 से 5 वाहन चोरी करता था।
12 चोरी के इंजन सीज
आरोपियों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। करीब 5-6 एफआईआर की जानकारी सामने आई है, जबकि 10-12 चोरी के इंजन भी सीज किए जा चुके हैं। क्राइम ब्रांच ने मशीन भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर मिटाने के लिए किया जाता था। पुलिस को कई इंजनों पर नंबर गायब मिले हैं। इसके अलावा आरोपियों के वाहन काटने में इस्तेमाल होने वाले टूल्स भी जब्त किए गए हैं।
बिना RTO लाइसेंस कर रहे काम
संबंधित संस्थानों के पास वाहनों को डिस्मेंटल करने के लिए आवश्यक RTO लाइसेंस और रिकॉर्ड रजिस्टर भी नहीं मिला। पुलिस अब बरामद इंजनों और अन्य पार्ट्स की जानकारी जुटाकर यह पता लगा रही है कि ये किन-किन चोरी के वाहनों से जुड़े हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। इसके अलावा जिस स्थान पर चोरी के वाहनों और उनके पार्ट्स का कबाड़ रखा जाता था, उस जगह के मालिक की भूमिका और जानकारी भी जुटाई जा रही है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।