पीथमपुर में कुपोषण के खिलाफ अभियान: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया जागरूक; पहले दूध के महत्व पर दिया जोर

पीथमपुर। नवजात शिशुओं को कुपोषण और संक्रमण से बचाने के लिए मां के पहले दूध के महत्व को लेकर पीथमपुर के लोधी मोहल्ला वार्ड 12-13 में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना नालछा द्वारा आयोजित यह अभियान विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के तहत 1 से 7 अगस्त तक संचालित हुआ।
अभियान का उद्देश्य गर्भवती और धात्री माताओं को स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों से बाहर निकालकर वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना था। विभाग का मानना है कि जानकारी के अभाव और संकोच के कारण कई बार नवजात शिशु सही पोषण से वंचित रह जाते हैं।

आंगनवाड़ी टीम ने संभाला मोर्चा
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दिव्या वर्मा, आरती रनसोरे और सहायिका राधा रायकमल ने क्षेत्र की महिलाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने गर्भवती और धात्री माताओं को एकत्रित कर सरल भाषा में स्तनपान के लाभ समझाए।कोलोस्ट्रम को बताया संजीवनी
कार्यकर्ताओं ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और कुपोषण सहित कई गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद करता है।
माताओं ने लिया संकल्प
अभियान के दौरान महिलाओं ने शिशु देखभाल और स्तनपान से जुड़े अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित माताओं ने अपने बच्चों को समय पर और पूर्ण स्तनपान कराने का संकल्प लिया। महिला एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि इस तरह के जमीनी प्रयास कुपोषण मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।