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भोपाल में गोबर पोतकर राहुल गांधी का पुतला फूंका: पुलिस से धक्का-मुक्की; संसद के प्रदर्शन का VHP-बजरंग दल कर रहा विरोध

भोपाल। संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर विपक्ष द्वारा किए गए सांकेतिक प्रदर्शन के विरोध में भोपाल में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रदर्शन उग्र हो गया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ नारे लगाए तथा राहुल गांधी का पुतला फूंककर विरोध जताया। शनिवार को विहिप और बजरंग दल के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व्यापम चौराहे पर एकत्र हुए।

यहां से विरोध मार्च शुरू हुआ, जो लिंक रोड की ओर बढ़ा। पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था की थी।

बैरिकेड पार करने की कोशिश,पुलिस ने रोका
मार्च के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ देर तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस ने हालात नियंत्रित रखने का दावा किया।

रेबाजी और पुतला दहन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “राम विरोधी होश में आओ”, “पप्पू मियां” और “राहुल गांधी मियां” जैसे नारे लगाए। इसके बाद राहुल गांधी के पुतले के चेहरे पर गोबर पोतकर उसे आग के हवाले किया गया।

संसद के प्रदर्शन का विरोध
विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जिस प्रकार का सांकेतिक प्रदर्शन किया गया, उससे करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि इसी के विरोध में भोपाल में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

पप्पू यादव के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
संसद के मानसून सत्र के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद परिसर पहुंचे थे। विपक्षी सांसदों के साथ उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। विपक्ष ने इसे पारदर्शिता और जांच की मांग से जुड़ा विरोध बताया था।

विहिप ने कहा- संतों और रामलला का हुआ अपमान
विश्व हिंदू परिषद मध्यभारत के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान ने कहा कि संसद में संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन के दौरान रामलला के चित्र को जमीन पर रखकर उपयोग करना हिंदू आस्था का अपमान है। उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी जांच चल रही है और सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी कर रहा है।

संत समाज ने जताई नाराजगी
मध्य प्रदेश संत समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने भी संसद में हुए प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम और रामलला की छवि को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार ट्रस्ट ने स्वयं शिकायत दर्ज कराई थी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी है।

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