उज्जैन के महामंडलेश्वर पर लगे रेप के आरोप: डेढ़ साल पहले आश्रम में हुई थी मुलाकात; व्हाट्सएप चैट वायरल
उज्जैन। दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज के खिलाफ एक महिला ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज की है। महिला ने ज्ञानदास पर दुष्कर्म, मारपीट, जान से मारने की धमकी और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उसने गृहमंत्री, डीजीपी, आईजी और एसपी को भी आवेदन भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
डेढ़ साल पहले आश्रम में हुई थी मुलाकात
महिला का आरोप है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उज्जैन के दादू आश्रम में उसकी मुलाकात महामंडलेश्वर ज्ञानदास से हुई थी। इसी दौरान उन्होंने उसका मोबाइल नंबर लिया और बाद में फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर संपर्क बढ़ाया। धार्मिक आस्था के चलते उसने बातचीत जारी रखी और दोनों के बीच नियमित संपर्क होने लगा।
गुरु पूर्णिमा पर आश्रम बुलाने का आरोप
शिकायत के अनुसार वर्ष 2025 की गुरु पूर्णिमा पर ज्ञानदास ने उसे सदावल स्थित आश्रम बुलाया। सेवा और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ने के नाम पर कुछ दिन आश्रम में रुकने के लिए कहा। महिला का आरोप है कि एक रात प्रसाद के रूप में उसे खीर दी गई। खीर खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गई। अगले दिन जब उसकी आंख खुली तो उसे अपने साथ अनहोनी होने का एहसास हुआ। महिला का यह भी दावा है कि बाद में वह गर्भवती हो गई।

रेप, मारपीट और ब्लैकमेलिंग के आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया, विरोध करने पर मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वायरल चैट, वीडियो और मैरिज सर्टिफिकेट चर्चा में
शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर कथित व्हाट्सऐप चैट, मैरिज सर्टिफिकेट, फोटो और कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि इन वायरल दस्तावेजों और वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में एक बुजुर्ग महिला और एक युवती ज्ञानदास के साथ विवाद करते और उन्हें लकड़ी से मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो करीब चार माह पुराना है और किसी अन्य विवाद से जुड़ा है।

मैरिज सर्टिफिकेट भी सामने आया
इसके अलावा एक महिला के साथ ज्ञानदास की तस्वीरें भी वायरल हुई हैं, जिनमें वे महिला की मांग भरते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक कथित मैरिज सर्टिफिकेट भी सामने आया है, जिसमें 11 अक्टूबर 2021 को विवाह होने का उल्लेख है। दस्तावेज में ज्ञानदास और संबंधित महिला के नाम व फोटो भी लगे हुए बताए जा रहे हैं।

ज्ञानदास ने आरोपों को बताया साजिश
महामंडलेश्वर ज्ञानदास ने सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि वायरल मैरिज सर्टिफिकेट फर्जी है और इसे लेकर पहले ही कोर्ट में शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने भी उस सर्टिफिकेट को झूठा माना था। वायरल पिटाई के वीडियो पर उन्होंने कहा कि डंडा लेकर आश्रम पहुंची बुजुर्ग महिला को भी शिकायतकर्ता महिला ने ही बुलाया था और उसी ने वीडियो बनाकर वायरल कराया।

पुलिस कर रही सभी पहलुओं की जांच
महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वायरल चैट, वीडियो, फोटो और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।