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धार में स्कूल की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें: आदिवासी बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर, बड़े हादसे को दे रहे न्यौता

धार। सरदारपुर तहसील के ग्राम पंचायत हनुमंत्या साजोद के मजरा जाम पड़ा स्थित प्राइमरी स्कूल की इमारत पूरी तरह जर्जर हो रही है। स्कूल की हालत इतनी खराब है कि आदिवासी बच्चों को जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्कूल की छत से लगातार पानी टपकता है, जबकि दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें भी आ चुकी हैं। ऐसे में बच्चों को क्लास के बजाय बाहर बरामदे और किचन शेड में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।

स्कूल के टीचर घनश्याम सिंह राठौर ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से BRC कार्यालय और संकुल केंद्र शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ को दी जा चुकी है। ईमारत को क्षतिग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

केवल प्राचार्य ने ही स्कूल पहुंचकर वहां का निरीक्षण किया है। वहीं BRC सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक मौके का दौरा तक नहीं किया। अधिकारियों की लगातार अनदेखी और लापरवाही के कारण बच्चों की सुरक्षा पर हर समय खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद भवन की मरम्मत या नए ईमारत के निर्माण को लेकर कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है।

इस मामले में धार के एसी ट्राइबल ने कहा कि स्कूल की ईमारत की स्थिति का शीघ्र निरीक्षण कराया जाएगा। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

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