असम में भारी बारिश से बाढ़: कई इलाको में भरा पानी, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर बचा रहे जानवरों की जान

गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालत बन गए है। राज्य के कई जिलों में पानी भर गया हैं। लाखों लोग बाढ़ में फंस चुके हैं। हालात से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इमोशनल वीडियो
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक ग्रामीण तेज बहाव और बाढ़ के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर मवेशियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण की बहादुरी और पशुओं के प्रति संवेदनशीलता की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
विस्थापित लोगों के लिए कुल 90 राहत शिविर लगाए
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार राहत सामग्री पहुंचा रहा है। इसके साथ ही लोगों से सतर्क तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।विस्थापित लोगों के लिए कुल 90 राहत शिविर लगाए हैं। इस साल असम में बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, जोरहाट, नगांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में कुल 4,45,495 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। रविवार तक राज्य के पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में थे। प्रभावित लोगों की संख्या में कमी के बावजूद कई इलाकों में हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। चराइदेव जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 1,88,404 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। इसके बाद शिवसागर में 1,44,461 और जोरहाट में 74,458 लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही धनसिरी
ASDMA के मुताबिक, गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के लिए कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नागरिक सुरक्षा कर्मियों को अभियान में लगाया गया है।
राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 67 नावें तैनात
प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 67 नावें तैनात की गई हैं। बाढ़ के कारण असम में कृषि और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ASDMA के अनुसार, 37,139.52 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अब भी पानी में डूबा हुआ है। वहीं, 26,679 पशुओं के बह जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा प्रभावित जिलों के कई हिस्सों में मकानों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।