DAVV की जनसुनवाई में 12 मामलों का मौके पर निराकरण: पीएचडी के लिए नए रिसर्च गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू, सुपरवाइजर से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान

इंदौर | देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) DAVVमंगलवार को हुई जनसुनवाई में परीक्षा परिणाम, पीएचडी और रुके हुए रिजल्ट से जुड़े करीब 12 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। विश्वविद्यालय ने जरूरतमंद छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर रिजल्ट जारी किए, वहीं पीएचडी के लिए नए रिसर्च गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की भी घोषणा की।
जनसुनवाई में ऐसे छात्र पहुंचे जिनके परीक्षा परिणाम मूल्यांकन पूरा नहीं होने के कारण लंबित थे। विश्वविद्यालय ने नौकरी के नियुक्ति पत्र या उच्च शिक्षा में प्रवेश से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के परिणाम प्राथमिकता से जारी किए। वहीं पीएचडी से संबंधित पात्रता, आरएसी (RAC) में शामिल होने की अनुमति और सुपरवाइजर से जुड़ी शिकायतों का भी तत्काल समाधान किया गया।
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं पर रोल नंबर या अन्य जरूरी जानकारी गलत भरने के कारण परिणाम रोक दिए गए थे। ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए रिजल्ट जारी किए गए। अर्जेंट मार्कशीट और अर्जेंट डिग्री के आवेदनों का भी उसी दिन निपटारा किया गया।
नए रिसर्च गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू
विश्वविद्यालय ने बताया कि पीएचडी शोध कार्य के लिए नए रिसर्च गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनजातीय अध्ययन (Tribal Studies) सहित कई विषयों में पात्र शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। जांच समिति की अनुशंसा और आरडीसी (RDC) की मंजूरी के बाद नए गाइड नियुक्त किए जाएंगे।
इन विषयों में ज्यादा शोधार्थी
हिंदी, भूगोल और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में शोधार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण संबद्ध कॉलेजों के योग्य शिक्षकों से भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही NET या DET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का स्कोर कार्ड अब एक वर्ष तक मान्य रहेगा, जिससे वे आगामी आरडीसी बैठकों में दोबारा आवेदन किए बिना शामिल हो सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अगले छह महीनों में अधिक से अधिक नए शोध गाइड तैयार कर चयनित शोधार्थियों को जल्द मार्गदर्शक उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि पीएचडी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।