रीवा के आदिवासी छात्रावास की हालत बदहाल: जर्जर भवन, पेयजल और गंदगी के संकट से परेशान छात्रों ने शुरू किया अनशन

रीवा। अनुसूचित जनजाति छात्रावास की तस्वीर सामने आई है। शहर के पॉश इलाके में संचालित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय महाविद्यालय छात्रावास में छात्र जर्जर भवन, गंदगी और पेयजल संकट के बीच रहने को मजबूर है। ऐसी हालात से परेशान छात्रों ने अब अपनी सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रावास परिसर के बाहर अनशन शुरू कर दिया।
1966 में बना छात्रावास, अब हालत खराब
यह छात्रावास TRS कॉलेज के पीछे सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित है और वर्ष 1966 से संचालित हो रहा है। दशकों पुराने इस भवन की हालत अब जर्जर हो गई है। छात्रों का कहना है कि भवन में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। परिसर में चारों ओर गंदगी भी फैली हुई है। यहां नियमित रूप से साफ़ सफाई भी नहीं हो पाती है।
पीने के पानी के लिए बाहर की टंकी पर निर्भर छात्र
छात्रों का कहना है की छात्रावास में शुद्ध पेयजल की भी समस्या भी बानी हुई है। छात्रावास में रहे वाले छात्र वहीं बाहर बानी पानी की टंकी से पानी लाकर
उसको पीना पढता है। गंदगी और बदबू के कारण छात्र अस्वस्थ माहौल में रहने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी हो सकता है।
कई बार की शिकायत, लेकिन नहीं कोई समाधान
छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई बार ज्ञापन देकर कलेक्टर, सांसद और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्याओं से बताया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिल सका। लगातार कई शिकायतों के बावजूद छात्रावास की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
जीर्णोद्धार और टेंडर का दावा भी फैल
छात्रावास अधीक्षक ने भी माना कि भवन और सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं गंभीर हैं। उनका कहना है कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है और छात्रावास के जीर्णोद्धार के लिए लगभग ₹10 लाख का टेंडर भी हो चुका है। हालांकि, अभी तक काम शुरू नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बनी हुई है।
सुविधाओं की मांग को लेकर अनशन
समस्याओं के समाधान में देरी से नाराज छात्रों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है। छात्रावास के बाहर छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि छात्रावास में शुद्ध पेयजल, साफ-सुथरा परिसर और सुरक्षित भवन की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में रहने की सुविधा मिल सके।