इंदौर पुलिस का फर्जी प्लास्टर केस; टीआई से 1 घंटे पूछताछ, एडिशनल डीसीपी को सौंपी जांच

इंदौर में कार में तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों के फर्जी प्लास्टर (पट्टे) बांधकर जुलूस निकालने और जेल भेजने से पहले उन्हें चुपचाप खुलवाने के मामले में सोमवार को डीसीपी जोन-3 अभिषेक रंजन ने एसीपी रुबीना मिजवानी और हीरानगर टीआई सुशील पटेल को तलब किया। डीसीपी ने टीआई से करीब 1 घंटे तक पूछताछ की। पूरे मामले की विभागीय जांच एडिशनल डीसीपी ओमप्रकाश को सौंपी गई है।
21 जुलाई को चंद्रगुप्त चौराहे के पास गाड़ी को कट लगने की बात पर बदमाश शोभित, निक्की अहिरवार, ओम जगताप, शुभम शाक्यवार और मयंक यादव ने फरियादी नरेंद्र चौहान (27) की कार में तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और दावा किया कि भागने में उनके हाथ-पैर टूट गए। इसके बाद आरोपियों के हाथों पर प्लास्टर चढ़ाकर इलाके में उनका जुलूस निकाला गया। जेल के बाहर खुली पोलः कोर्ट पेशी के बाद जब आरोपियों को जेल भेजा जा रहा था, तब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में जेल एंट्री से ठीक पहले आरोपियों के हाथों से फर्जी प्लास्टर (पट्टे) उतारे जाते साफ दिखे।
कोर्ट में दूसरे जवान ने किया पेश
वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने 20- 20 हजार रुपए लेकर ऐसा किया। सूत्रों के मुताबिक, थाने के जवान विश्वरतन और सौरभ ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करवाया था, जबकि मेडिकल के लिए जवान जफर को भेजा गया था।
पहले भी सवालों में घिरी पुलिस
- हेड कांस्टेबल पर दुष्कर्म का केस (25 जुलाई 2026): चंदन नगर पुलिस ने थाने के हेड कांस्टेबल अंचल तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोप है कि जांच के बहाने घर पहुंचकर उसने महिला के आपत्तिजनक फोटो वीडियो बनाए, वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म किया।
- सब-इंस्पेक्टर पर रिश्वत का आरोप (23 जुलाई 2026): एरोड्रम के कमलेश राठौर ने शिकायत की कि भाई राजीव राठौर की आत्महत्या के बाद सब-इंस्पेक्टर खुशबू परमार ने दहेज प्रताड़ना के केस में नहीं फंसाने के बदले रिश्वत मांगी।
- पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी (1 अप्रैल 2026): राजेंद्र नगर थाने में टैक्सी ड्राइवर अभिषेक पाटिल से 50 हजार की रिश्वत मांगी गई। प्रताड़ित होकर उसने खुदकुशी कर ली। वीडियो सामने आने पर सब-इंस्पेक्टर मनोहर पाल को सस्पेंड किया गया।