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आईआईएम इंदौर ने यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के साथ शुरू किया ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम; 15 भारतीय एंटरप्रेन्योर्स के प्रथम बैच ने स्कॉटलैंड में की शुरुआत

भारतीय एंटरप्रेन्योर्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) ने ग्लोबल लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (जीएलडीपी) फॉर एंटरप्रेन्योर्स के प्रथम बैच का शुभारंभ 27 जुलाई 2026 को किया। यह अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, स्कॉटलैंड के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस पहले बैच में 15 भारतीय एंटरप्रेन्योर्स शामिल हैं, जिन्होंने एक ऐसे शिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी व्यवसाय स्थापित करने और उनका सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए आवश्यक रणनीतिक क्षमताओं से सुसज्जित करना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो में आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय तथा एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल की प्रमुख प्रो. वेंडी लोरेट्टो द्वारा किया गया। इस अवसर पर एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल के डायरेक्टर ऑफ इंटरनेशनलाइजेशन डॉ. जिआंग ली तथा प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एवं आईआईएम इंदौर के फैकल्टी प्रो. मित वच्छराजानी भी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा, “भारतीय एंटरप्रेन्योरशिप एक ऐसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर रही है, जहाँ व्यवसाय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की आकांक्षा रखते हैं। इस कार्यक्रम की परिकल्पना एंटरप्रेन्योर्स को रणनीतिक दृष्टि, नेतृत्व क्षमता तथा अंतरराष्ट्रीय अनुभव से सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि वे जटिलताओं और विकास की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से नेतृत्व कर सकें।” उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के साथ आईआईएम इंदौर का यह सहयोग संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह वैश्विक संदर्भों पर आधारित ऐसे शिक्षण अनुभव विकसित कर रहा है, जो वास्तविक व्यावसायिक प्रभाव उत्पन्न करें।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल की प्रमुख प्रो. वेंडी लोरेट्टो ने कहा, “हमें प्रथम बैच का स्वागत करते हुए और भारत के शीर्ष रैंक प्राप्त ट्रिपल क्राउन मान्यता प्राप्त बिजनेस स्कूलों में से एक आईआईएम इंदौर के साथ इस अग्रणी पहल का हिस्सा बनकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। विविध एंटरप्रेन्योरियल अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संकाय और शोध के साथ जोड़ते हुए यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को अपने दृष्टिकोण का विस्तार करने, नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ बनाने तथा अपने व्यवसायों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करने का एक विशिष्ट अवसर प्रदान करता है।”

एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल की डायरेक्टर ऑफ इंटरनेशनलाइजेशन डॉ. जिआंग ली ने कहा, “सीमा-पार शैक्षणिक साझेदारियाँ नवाचार और एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस सहयोग के माध्यम से प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय शिक्षा के साथ-साथ सार्थक अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्राप्त होगा, जो उन्हें मजबूत पेशेवर नेटवर्क विकसित करने और वैश्विक व्यावसायिक परिवेश की गहरी समझ हासिल करने में सहायता करेगा।”

आईआईएम इंदौर और एडम स्मिथ बिजनेस स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह कार्यक्रम भारतीय एंटरप्रेन्योर्स की उस बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसके तहत उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तथा निरंतर विकसित हो रहे वैश्विक व्यावसायिक परिवेश में सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए आवश्यक कौशल और दृष्टिकोण प्रदान किए जा सकें।

इस कार्यक्रम का पाठ्यक्रम वैश्विक प्रबंधन दृष्टिकोण को नेतृत्व, डिजिटल बिजनेस मॉडल, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन, प्रौद्योगिकी आधारित विकास, सप्लाई चेन ट्रांसफॉर्मेशन तथा अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीतियों जैसे व्यावहारिक विषयों के साथ समाहित करता है। प्रतिभागियों को भारत और यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों एवं विशेषज्ञों से सीखने, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क विकसित करने तथा वैश्विक सर्वोत्तम प्रबंधन प्रथाओं का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम की प्रतिभागी शिवानी झारिया पाठक, जो नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) क्षेत्र के एक स्टार्टअप की संस्थापक हैं, ने कहा, “एक प्रथम पीढ़ी की एंटरप्रेन्योर होने के नाते, मैं इस कार्यक्रम को अपनी नेतृत्व क्षमता को वैश्विक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर मानती हूँ। यहाँ प्राप्त होने वाली सीख और नए दृष्टिकोण मुझे अपनी कंपनी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्वच्छ ऊर्जा उद्यम के रूप में विकसित करने और सतत विकास को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।”

एक अन्य प्रतिभागी सुनीता यशपाल, जो निर्माण (कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र से जुड़े एक स्टार्टअप की निदेशक हैं, ने कहा, “ग्लोबल लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम से जुड़ना मेरे लिए वैश्विक स्तर की शिक्षा और सार्थक संवादों के माध्यम से अपने नेतृत्व दृष्टिकोण का विस्तार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जीवन के इस चरण में अपनी सहज सीमाओं से बाहर निकलने के लिए साहस की आवश्यकता होती है और मुझे विश्वास है कि इस कार्यक्रम से प्राप्त अनुभव और सीख मुझे अपने कार्य, व्यवसाय और समाज में अधिक सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाएँगे।”

फाइनेंशियल टाइम्स एग्जीक्यूटिव एजुकेशन रैंकिंग 2025 में विश्व स्तर पर 62वाँ स्थान तथा भारत में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाला आईआईएम इंदौर अपनी रणनीतिक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियों और वैश्विक दृष्टिकोण वाले कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी वैश्विक उपस्थिति को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।

ग्लोबल लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम फॉर एंटरप्रेन्योर्स की शुरुआत संस्थान के उस सतत प्रयास का एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसके माध्यम से वह जिम्मेदार नेतृत्वकर्ताओं और भविष्य के लिए तैयार एंटरप्रेन्योर्स का विकास कर रहा है, जो नवाचार, सतत विकास और वैश्विक व्यावसायिक सफलता को नई दिशा प्रदान कर सकें।

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